Techअमृतसरकपूरथला / फगवाड़ागुरदासपुरचंडीगढ़जम्मू-कश्मीरजालंधरपंजाबपटियालाफिरोज़पुरराष्ट्रीयलुधियानाहरियाणाहिमाचलहोशियारपुर

20 दिन में आटा 150, मैदा 250, चीनी 700 रुपए क्विंटल हुई महंगी, तेल-दाल के दाम भी बढ़े

3 हफ्ते से राशन की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी, कोरोनाकाल में लोगों का घर का गुजारा हुआ मुश्किल, रसोई का बजट बिगड़ा- गृहिणियां परेशान न डिमांड बढ़ी और न ही किसी चीज की कमी, फिर भी लगातार बढ़ रही कीमतें, दुकानदारों का तर्क : पेट्रोल-डीजल के रेट में इजाफे का है असर

कोरोनाकाल में आम लोगों पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ा है। प्राइवेट शैक्षणिक संस्थान अभी भी 20% कटौती के साथ सैलरी दे रहे हैं तो राशन मंडी की महंगाई भी खूब तंग कर रही है। पिछले 20 दिन में सभी प्रमुख दालों के होलसेल रेट में बढ़ोतरी हुई है। होलसेल मंडी में अब आटा 20 रुपए किलो की बजाय 21.50 रुपए में बिक रहा है।

35 रुपए वाली चीनी 42 रुपए किलो में बिक रही है। सफेद चने का रेट पहले 78 से 80 रुपए था, जोकि अब 95 से 100 रुपए हो गया है। इस हिसाब से महज 20 दिन में आटा 150, मैदा 250 और चीनी 700 रुपए प्रति क्विंटल तक महंगी हो गई है। गली-मोहल्ले में दुकानदार 10 से 15 रुपए किलो तक मुनाफा ले रहे हैं। खास बात यह है कि फिलहाल न तो डिमांड बढ़ी है, न किसी चीज की कमी है, फिर भी कीमतें बढ़कर आ रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि यह पेट्रोल-डीजल महंगे होने का असर है, ब्रांडेड कंपनियों की कीमतों में इजाफा सबको अपनाना पड़ रहा है।

क्या कहते हैं व्यापारी…परिवहन खर्च बढ़ने से कीमतों में इजाफा हुआ
मंडी में न तो डिमांड में इजाफा हुआ है और न ही किसी चीज की कमी है, लेकिन दालें, आटा, चीनी, तेल आदि के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इससे व्यापारी भी परेशान हैं। रेलवे रोड के कारोबारी अनिल सोनी कहते हैं कि आटा-मैदा के रेट इसलिए बढ़े हैं, क्योंकि गेहूं के रेट 100 रुपए क्विंटल तक पहुंच गए हैं।

सबसे ज्यादा कीमतें दालों, तेल और चीनी की बढ़ी हैं। वहीं, व्यापारी रिंकू सेतिया ने कहा कि रसोई के तेल ब्रांडेड कंपनियों से आते हैं, इनकी कीमतोें में पूरे कोरोना काल में कोई राहत नहीं मिली है। पेट्रोल तथा डीजल के रेट का इजाफा होने के बाद परिवहन का खर्च बढ़ गया जिससे कीमतों में भी इजाफा हुआ। कपूरथला रोड के कारोबारी अनिरुद्ध ने बताया कि जब से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हैं, तब से मंडी में तेजी आई है। दुकानदार कम मुनाफा रखकर सामान बेच रहे हैं तो भी लोग दाम कम करने की मांग करते हैं, जोकि संभव ही नहीं है।

पब्लिक स्पीक

एरिया के मुताबिक बदल जाते हैं दाम
राशन का रेट बढ़ने से सबसे ज्यादा गृहिणियां परेशान हैं। दकोहा में रहने वाली प्रवीण कहती हैं कि उनके एरिया में विदेशी छात्र रहते हैं, जिस कारण दुकानदार मनमर्जी के दाम वसूलते हैं। अर्बन एस्टेट निवासी संगीता कहती हैं स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग के चलते दाम निर्धारित किए जाते हैं। मॉडल टाउन निवासी सुनीता ने कहा कि मंडी से दूरी होने के कारण दुकानदार मर्जी के रेट लगाते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page