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जालंधर के कांग्रेसी भी आपस में लड़ने लगे, जानें पूरा मामला

जालंधर : कभी पूरे देश पर राज करने वाली कांग्रेस पार्टी आज कुछ राज्यों में ही सिमट कर रह गई है परंतु जहां-जहां भी कांग्रेस पार्टी की सरकार है, वहीं वहीं बगावत का झंडा भी बुलंद है। सबसे बड़ा तमाशा इन दिनों पंजाब कांग्रेस में चल रहा है जहां स्पष्ट रूप से कांग्रेस दो गुटों में बंट चुकी है। एक धड़े का नेतृत्व वर्तमान मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह कर रहे हैं तो दूसरी ओर कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू ने कैप्टन को चलता करने का प्लान बनाया हुआ है जिसे वह धीरे-धीरे लागू कर रहे हैं।

जहां पंजाब लेवल पर कांग्रेस में हो रही निम्न स्तर की भाषणबाजी और राजनीति के चलते आम पार्टी के कार्यकर्त्ता खुश हैं, परंतु कांग्रेस के लिए जालंधर में भी हालात कुछ ज्यादा अच्छे नहीं हैं। जालंधर ऐसा शहर है जहां लोकसभा सदस्य से लेकर चारों विधायक तक विशुद्ध कांग्रेसी है और नगर निगम में भी कांग्रेस का पूरा बोलबाला है। यहां विधायक दो गुटों में बंट चुके हैं और पार्षद भी अपना-अपना ग्रुप बनाकर बैठे हुए हैं। रामामंडी क्षेत्र के 4 कांग्रेसी पार्षदों ने तो सीवरेज जाम जैसी छोटी सी समस्या चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन जाकर कैबिनेट मंत्री सामने उठाई और जालंधर निगम के वर्तमान नेतृत्व को एक चैलेंज दिया।

इसी प्रकार निगम की विभिन्न कमेटियों में भी बगावत थमने का नाम नहीं ले रही। हाल ही में कमेटियों के चेयरमैनों ने भी मेयर राजा को नसीहत देते हुए उन्हें हर रोज शाम 3 से 5 बजे तक ऑफिस में रहने का सुझाव दिया। यह अलग बात है कि मेयर ने चेयरमैनों के इस सुझाव को दरकिनार कर दिया है। कुछ विधायकों और मेयर के बीच तनातनी भी किसी से छिपी हुई नहीं है।

चारों ओर कूड़े से घिरा हुआ है सोढल मेला क्षेत्र
जालंधर का सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध मेला बाबा सोढल मंदिर में हर साल लगता है जहां लाखों लोग देश-विदेश से शीश निवाने आते हैं । हर साल नगर निगम सोढल मेले को लेकर व्यापक प्रबंध करता है परंतु कुछ दिन शेष रह जाने के बावजूद निगम ने अभी तक इस मेले हेतु कोई तैयारी नहीं की है।आज हालात यह हैं कि सोडल मेला क्षेत्र के आसपास ज्यादातर स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं । इस कारण आम लोगों के बीच कांग्रेस की छवि काफी प्रभावित हो रही है।

विकासपुरी कॉलोनी की एंट्री ही खराब कर दी
कांग्रेसी सरकार के कार्यकाल के दौरान शहर के हालात सुधरने की बजाय किस कदर खराब हुए हैं, इसका उदाहरण नार्थ विधानसभा क्षेत्र में आती विकासपुरी कॉलोनी है जो कभी अंगूरों वाली वेलों के क्षेत्र के नाम से प्रसिद्ध थी। आज इस कॉलोनी की एंट्री पर एक ओर कूड़े के पहाड़ नजर आते हैं तो दूसरी ओर स्थाई रूप से खड़ी ट्रालियों ने कालोनी की एंट्री की शक्ल ही खराब करके रख दी है।

गौरतलब है कि कॉलोनी की एंट्री पर कूड़े का डंप और यूनिट बनाए जाने के विरुद्ध क्षेत्र निवासियों ने कुछ साल पहले रोष प्रदर्शन किया था और अब उनकी आशंका सच साबित हो रही है क्योंकि अब वहां पक्के तौर पर कई कई टन कूड़ा जमा रहता है।

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