
जालंधर में रविवार को BJP के कार्यक्रम को लेकर किसानों व पुलिस के बीच जबरदस्त धक्कामुक्की हो गई।
किसानों ने पुलिस के बैरिकेड तोड़कर समागम स्थल पर पहुंचने की कोशिश की। जिसको लेकर माहौल काफी तनावपूर्ण बन गया। कुछ किसान बैरिकेड को हटाकर अंदर जाने में कामयाब रहे लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस ने किसानों को समागम की जगह से पहले ही रोक लिया। जिसके बाद किसानों ने वहीं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बीजेपी की तरफ से यहां शीतला माता मंदिर स्थित आफिस में प्रदेश प्रवक्ता क स्वागत का समारोह रखा गया था।इस दौरान पुलिस की बड़ी लापरवाही भी सामने आई। एक महिला प्रदर्शनकारी बैरिकेड से आगे बढ़ी तो जेंट्स पुलिस वालों ने उन्हें पीछे धकेलना शुरू कर दिया। पूरे मामले का पता होने के बावजूद मौके पर पहले लेडीज पुलिस नहीं बुलाई गई। इसके बाद जब मीडिया ने इसकी कवरेज शुरू की तो अधिकारी यह कहते हुए भड़कने लगे कि वह नेगेटिव चीजों को न उठाएं। इससे किसानों में भी गुस्सा फैल गया। जिसके बाद अफसरों ने गलती मानी और तुरंत लेडीज फोर्स बुलाई गई।
भाजपा के कार्यक्रम का होगा विरोध, गांवों में नहीं घुसने देंगे :अमरजोत जंडियाला
किसान नेता अमरजोत सिंह जंडियाला ने कहा कि भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने काले कृषि कानून बनाए हैं। इसके खिलाफ करीब एक साल से दिल्ली के सिंघु व टिकरी बॉर्डर पर आंदोलन चल रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा की कॉल के मुताबिक हम भाजपा का घेराव कर रहे हैं। भाजपा को पंजाब के गांवों में भी नहीं घुसने दिया जाएगा। इसके अलावा भाजपा को कोई राजनीतिक कार्यक्रम भी नहीं करने दिया जाएगा।
भाजपा से सिर्फ सवाल करने थे लेकिन पुलिस ने रोक लिया
उन्होंने कहा कि हम सिर्फ यहां सवाल करने आए थे न कि किसी से मारपीट या कोई दूसरी तरह का विरोध नहीं करना था। उन्होंने कहा कि हमारी भाजपा नेताओं से कोई निजी रंजिश नहीं है लेकिन वो हमें जवाब दें कि किसानों पर यह कानून क्यों थोपा जा रहा है।