Punjab Kisan Protest: जालंधर से चंडीगढ़, लुधियाना व होशियारपुर के बदले रूट, राखी बांधने जाएं तो ये रास्ते अपनाएं
जालंधर में गन्ने के समर्थन मूल्य की मांग को लेकर किसानों का रोष प्रदर्शन शुक्रवार से शुरू होकर शनिवार को भी जारी रहेगा। रेलवे ट्रैक पर धरना चलने की वजह से दो दर्जन के करीब ट्रेनों के ज्यादा रूट डायवर्ट किए गए हैं या रद्द की गई है।

जालंधर। जालंधर में गन्ने के समर्थन मूल्य की मांग को लेकर किसानों का रोष प्रदर्शन शुक्रवार से शुरू होकर शनिवार को भी जारी रहेगा। अनिश्चितकालीन चल रहे धरने प्रदर्शन की वजह से नेशनल हाईवे तथा रेलवे ट्रैक पर किसानों के धरने से ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ चुकी है। महिलाओं ने अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए एक से दूसरे शहर जाने में काफी परेशानी हो रही है। नेशनल हाईवे पर हाईवे पूरी तरह से जाम रहेगा। रेलवे ट्रैक पर धरना चलने की वजह से दो दर्जन के करीब ट्रेनों के ज्यादा रूट डायवर्ट किए गए हैं या रद्द की गई है इसके चलते लोगों को काफी परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है। पुलिस प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्ट किया है।
शुक्रवार के बाद शनिवार को भी किसान गांव धन्नोवाली के बाहर अनिश्चिकालीन के लिए नेशनल हाईवे बंद कर धरना प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान ट्रेफिक जाम होने से लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। किसानों के रोष को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी खासे इंतजाम किए है। दोआबा किसान यूनियन जालंधर के प्रधान गुरप्रीत सिंह अटवाल ने बताया कि समूह किसान जत्थेबंदियां एक जुट होकर सरकार के खिलाफ धरना देंगी। सरकारी तथा निजी शूगर मिलों की तरफ किसानों का 200 करोड़ रुपए बकाया है। सरकार के समक्ष ब्याज सहित पैसों की अदायगी करने की मांग को सरकार ने अनदेखा किया। पंजाब में गन्ने का न्यूनतम मूल्य हरियाणा से अधिक करने की मांग की है।
सरकार को फर्दें भी केंद्र सरकार की तर्ज पर पोर्टल पर चढ़ाने के लिए जारी आदेश भी वापस लेने की मांग रखी है। किसान दो-तीन दिन हाईवे जाम करेंगे अगर सरकार ने मांगे न मानी तो रेलवे ट्रैक भी बंद करने की चेतावनी दी है। इस मौके पर समर्थन देने वालों में दोआबा किसान संघर्ष कमेटी, भारतीय किसान यूनियन दोआबा, माझा किसान संघर्ष कमेटी, जमहूरी किसान सभा, दोआबा किसान कमेटी, दोआबा किसान यूनियन, गन्ना संघर्ष कमेटी, भारतीय किसान यूनियन सिरसा, भारतीय किसान यूनियन राजेवाल, भारतीय किसान यूनियन कादिया, देहाती किसान यूनियन तथा भारतीय किसान यूनियन सिंधूपुर सहित राज्य के 32 किसान संगठनों ने समर्थन दिया। इसके बाद डीसी के मांग पत्र सौंपा जाएगा।
धरने के चलते रूट डायवर्ट किए
जालंधर से फगवाड़ा साइड के आवागमन के लिए
-सवारी बसों, मीडियम, लाइट व्हीकल आदि वाया बस स्टैंड जालंधर रोड-सतलुज चौक-समरा चौक-66 फुटी रोड-जमशेर-जंडियाला-फगवाड़ा-फिल्लौर रूट।
-कारों के लिए लाइट व्हीकल आदि वाया डिफेंस कालोनी-कैंट एरिया-फगवाड़ा चौक कैंट पुरानी फगवाड़ा रोड, टी प्वाइंट मैकडोनाल्ड-नेशनल हाइवे-फगवाड़ा रूट।
प्वाइंट मैकडोनाल्ड-पुरानी फगवाड़ा रोड-फगवाड़ा चौक-कैंट एरिया-डिफेंस कालोनी-बस स्टैंड जालंधर रूट।
-फगवाड़ा शहर से वाया मेहटियाना, होशियारपुर-आदमपुर-जंडूसिंघा-लम्मा पिंड चौक-पीएपी चौक-बीएसएफ चौक-बस स्टैंड जालंधर रूट।
होशियारपुर से जालंधर आने-जाने वाला आवागमन
-बस स्टैंड जालंधर से वाया बीएसएफ चौक-गुरु नानकपुरा-चौगिट्टी चौक-लम्मा पिंड चौक-जंडूसिंघा आदमपुर-होशियारपुर रूट।-होशियारपुर से जालंधर शहर की तरफ आने वाला आवागमन पहले की तरह ही रुटीन मुताबिक जंडूसिंघा-रामामंडी चौक-पीएपी चौक-बीएसएफ-बस स्टैंड जालंधर आदि रूट। इसके अलावा जम्मू-पठानकोट साइड से वाया जालंधर-फगवाड़ा को आने-जाने वाले आवागमन के लिए वाया दसूहा-टांडा-भोगपुर-मेहटियाना-फगवाड़ा रूट। इसी तरह अमृतसर साइड से वाया जालंधर-फगवाड़ा को आने-जाने वाले आवागमन के लिए करतारपुर-किशनगढ़-आदमपुर-मेहटियाना, होशियारपुर-फगवाड़ा रूट का इस्तेमाल करना बेहतर होगा।
Punjab Kisan Protest: जालंधर बना पंजाब का सिंघू बार्डर, नेशनल हाईवे और रेलवे ट्रैक पर सोए किसान, बस व ट्रेन सेवाएं बाधित
जालंधर। गन्ने का भाव 400 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग को लेकर शुक्रवार सुबह जालंधर में संयुक्त किसान मोर्चा के धरने ने पूरे पंजाब को हिला दिया है। सुबह दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे धरना देकर किसानों ने लुधियाना, चंडीगढ़ और अमृतसर रूट की बस सेवाएं बाधित कर दी। शाम को उन्होंने रेलवे ट्रैक पर धरना लगा ट्रेन सेवाएं भी बाधित कर दी। वहीं किसानों ने शनिवार को भी अपना धरना जारी रखा। रेलवे ट्रेक व हाईवे पर ही खाने की बंदोबस्त किया गया है। नौ ट्रेनें रद की गईं और नौ के ही रूट परिवर्तित किए गए। देर रात को भी किसान धरनास्थल पर डटे रहे। करीब 450 किसान मौके पर मौजूद थे। कुछ किसान रेलवे ट्रैक और कुछ दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाइवे पर भी सो गए। पहरा दे रहे युवा किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक यहां दिल्ली के ‘सिंघू बार्डर’ जैसा माहौल बनाकर रखेंगे।
इससे पहले, दिन में डीसी घनश्याम थोरी ने किसानों को मनाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर भी उन्हें नहीं मना पाए। अपनी मांग पर अड़े किसान रात में दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे और रेलवे ट्रैक पर तंबू और दरिया बिछा कर सोए गए हैं। पूरे दिन बस सेवाएं और शाम को ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं। शनिवार सुबह चंडीगढ़ से गन्ना कमिश्नर किसान नेताओं से मिलने आ रहे हैं। अगर इस मुलाकात के बाद भी किसान नहीं माने तो स्थिति बदतर सकती है क्योंकि बड़ी संख्या में आसपास के जिलों से किसान धरनास्थल पर पहुंच रहे हैं।
गन्ना मिलों पर बकाया 200 करोड़ रुपये भी मांगे
बता दें कि पंजाब सरकार ने गन्ने का समर्थन मूल्य 15 रुपये प्रति क्विंटल (310 से बढ़ाकर 325 रुपये) बढ़ाने की घोषणा की है लेकिन किसानों ने इसे नामंजूर कर दिया है। बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा में करीब 32 किसान संगठन शामिल हैं। वे गन्ना मिलों पर बकाया 200 करोड़ रुपये दिलाने की भी मांग कर रहे हैं।



