जालंधर में नेशनल वाल्मीकि सभा ने दलितों पर अत्याचार के विरोध में निकाला गुलामी मार्च, केंद्र के खिलाफ नारेबाजी
जालंधर में नेशनल वाल्मीकि सभा ने सभी धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं संगठनों सभाओं व फोर्स के पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ मिलकर भगवान वाल्मीकि चौक से लेकर डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक तक पैदल रोष मार्च निकाला और केंद्र के खिलाफ नारेबाजी की।

जालंधर। देश को आजाद हुए 74 वर्ष बीत गए लेकिन आज भी माहौल कुछ ऐसा है कि हमें नहीं लगता कि हम आदाज देश में रहते हैं। इसीलिए एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करके केंद्र सरकार तक पहुंचाई है।नेशनल वाल्मीकि सभा ने सभी धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं, संगठनों, सभाओं व फोर्स के पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ मिलकर भगवान वाल्मीकि चौक से लेकर डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक तक पैदल रोष मार्च निकाला। उन्होंने अपने हाथों को जंजीरों से बांधकर केंद्र सरकार के खिलाफ और दलितों पर हो रहे अत्याचार व अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से नारेबाजी करके गुलामी दिवस मनाया।
प्रधान ऋषि सोंधी ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से भाजपा प्रशासित राज्यों में दलितों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। मासूम बच्चियों की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी जाती है। जाहिर हो रहा है कि केंद्र सरकार दलितों को दबाना चाहती है और उन्हें गुलाम बनाने की कोशिश की जा रही है। इससे हमें गुलामी का एहसास हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमें अंग्रेजों से तो आजादी मिल गई लेकिन दलितों के हकों को मारने, गरीबी, भ्र्ष्टाचार, नशाखोरी, बेरोजगारी, महंगाई, पाखंडवाद, अंधविश्वास, मानसिक गुलामी, संविधान विरोध, जात-पात, ऊंच-नीच भेदभाव से कब आजादी मिलेगी।
इस मौके पर प्रधान ऋषि सोंधी, वरिष्ठ उपप्रधान दीपक नाहर, उपप्रधान सुनील गिल, पंजाब उपप्रधान नीरज सोनी, महासचिव टिंका सोढ़ी, सचिव विनोद नाहर, वार्ड प्रधान विक्की मट्टू, वार्ड प्रधान करण सोनी, वार्ड प्रधान मोनू कौशल, गढ़ा हलका प्रधान सुनील वड़ैच, धन्नोवाली हलका प्रधान राजिंदर पाल सहोता, महासचिव दलीप वड़ैच, मनी मट्टू, भगवान वाल्मीकि शक्ति क्रांति सेना पंजाब प्रधान राजीव गोरा, आर्म्स टू एजुकेशन संस्था प्रधान मनीष सिधु, डॉ. अश्विनी सिधु, राजेश नाहर, सोनू हंस, सेंट्रल वाल्मीकि सभा,इंटरनेशनल यूके, अंजान संगीत ग्रुप संचालक राजू अंजान, हरीश महिमा, भीम सेना प्रधान रिंकू भट्टी, रमन सोनी, सतगुर कबीर टाइगर फोर्स प्रधान अरुण संदल, समाज सेवक विशाल द्राविड़,राजिंदर सिंह रिंकू व अन्य सभी वीरों ने इस गुलामी दिवस को मनाने में सहयोग किया।



