
जालंधर -: पंजाब में विधानसभा चुनावों की तैयारी तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य के चुनावों के लिए आवश्यक 56,000 मतदान मशीनों की व्यवस्था हो चुकी है। मतदान वाली इलैक्ट्रॉनिक्स मशीनों की प्रथम खेप मध्य प्रदेश से पंजाब आ चुकी है जबकि अन्य मशीनों की आमद भी होने जा रही है। मध्य प्रदेश में ये मशीनें भाजपा के लिए लक्की रही थीं। मशीनों की टैस्टिंग भी शुरू कर दी गई है। चुनावी अमला तेजी से हरकत में आ गया है। आयोग इस बार ऐसा हर कदम उठा रहा है जिसमें कोई भी मतदाता मतदान से न छूट सके।
पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी डा. एस. करुणा राजू द्वारा विज्ञापनों के लिए बैठक की गई जिसमें ग्रामीण क्षेत्र के लोगों, विशेष रूप से प्रवासी लोग, ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों तक पूरी पहुंच बन सके, इसके लिए हर प्रयास किए जा रहे हैं। चूंकि अब सोशल मीडिया का युग है, इसलिए यू-ट्यूब चैनलों को लेकर भी 2 दिन बाद बैठक की जा रही है ताकि मीडिया के हर क्षेत्र की मार्फत मतदाताओं से संपर्क किया जा सके।
चुनावी अमले को उन मतदाताओं पर तीखी नजर रखने को कहा गया है जो शीघ्र ही 18 वर्ष के होने जा रहे हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी राजू ने कहा कि इस प्रकार के समाचार गलत थे कि पंजाब के विधानसभा चुनावों के लिए मशीनों का कोई अभाव है। उन्होंने कहा कि पंजाब चुनाव कार्यालय द्वारा चुनावों की तैयारियां समय पर चल रही हैं। राज्य में मतदाता सूची में पंजीकरण, नाम हटाने एवं ठीक करने के विशेष अभियान की शुरूआत हो चुकी है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से चुनाव अधिकारियों की बैठकें चल रही हैं।
वोटर सूची में विवरण दर्ज करने के लिए जनवरी में शुरू होगी विशेष मुहिम
डा. राजू ने कहा कि भारतीय चुनाव आयोग (ई.सी.आई.) के दिशा-निर्देशों के अनुसार वोटर सूची में विवरण रजिस्टर करने, हटाने और सुधारने के लिए पहली जनवरी, 2022 से एक विशेष मुहिम शुरू हो रही है। इस विशेष मुहिम को स्पैशल समरी रिवीजन के तौर पर जाना जाता है, इससे नागरिकों को अपने आपको वोटर के तौर पर रजिस्टर करने और ऑफलाइन या ऑनलाइन माध्यम द्वारा अपने चुनावी विवरणों को सत्यापित करने का मौका मिलता है। अगले साल की पहली तिमाही में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह मुहिम राज्यभर में हरेक जिले में हलका स्तर से लेकर बूथ स्तर तक व्यापक रूप में चलाई जाएगी।



