
मॉडल टाउन में एक कॉलोनी में पूरे इलाके के लोगों की सहमति के बगैर लगाए गए गेट का मामला नगर निगम पहुंचा है। इसके बाद गेट पर कार्रवाई के आदेश आए हैं। नगर निगम ने पिछले साल कोरोना काल के दौरान लाजपत राय नगर वेलफेयर सोसाइटी को गेट लगाने की परमिशन देते हुए 11 नियम बनाए थे। नगर निगम ने व्यवस्था तो बना ली, लेकिन इसे लागू करने पर ध्यान नहीं दिया गया है। अपनी काॅलोनियों की सुरक्षा के लिए लोग गेट तो लगा रहे हैं, लेकिन शहरवासियों के सुविधा के लिए जो नियम बनाए गए थे, उनका पालन नहीं हो रहा।
नगर निगम ने हर सोसायटी के लिए रिन्युअल फीस भी तय की थी ताकि हर साल पता चलता रहे कि कहां पर गेट चल रहे हैं और कहां-कहां बंद हैं। मॉडल टाउन में गेट लगाने का ताजा मामला नगर निगम पहुंचने के बाद पुरानी फाइलें दोबारा खोलने शुरू हो गई हैं। जिक्रयोग है कि काॅलोनियों में अक्सर गाड़ियां बाहर खड़ी रहती हैं, जिस कारण उनके मालिक कॉलोनियों को गेट लगवाना चाहते हैं।
11 शर्तें माननी होंगी, किसी की जान-माल की जिम्मेदारी सोसायटी को ही उठानी होगी
1. आम आदमी को कॉलोनी में लेगट लगे होने के बावजूद रास्ते से गुजरने से नहीं रोका जाएगा। उनके पास निकलने का पूरा अधिकार है।
2. गेट खुले रहने का समय सुबह 6 से रात 10 बजे तक होगा। गर्मी में ये समय तड़के 5 बजे से 11 बजे तक रहेगा।
3. गेट पर अपने स्तर पर गार्ड तैनात करना होगा।
4. सुरक्षा के मद्देनजर कॉलोनी के गेट पर सीसीटीवी कैमरा लगाना जरूरी होगा।
5. कोई भी कुदरती आपदा आने पर गेटों से गुजरने में बड़े वाहनों को दिक्कत न आए।
6.गेटों पर उचित रोशनी का प्रबंध करना होगा।
7. गेटों की इंस्टालेशन फीस 10,000 रुपए रहेगी। सालाना 2000 रुपए रिन्यू फीस हर गेट की लगेगी।
8.किसी की जान व माल के नुकसान की जिम्मेदारी सोसायटी की रहेगी।
9.गेट के फ्रंट व साइड पर कोई पार्किंग नहीं होगी, ताकि किसी तरह का विवाद न पनपे।
10. हर साल 31 मार्च तक मंजूरी रिन्यू करनी होगी।
11.गेट लगाने व बाकी प्रबंध का खर्च सोसायटी खुद करेगी।



