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RSS हर साल दशहरे के दिन ही क्यो मनाता है स्थापना दिवस, मोदी ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी के सहयोगी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS के 96वें स्थापना दिवस के मौके पर संघ कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। पीएम ने एक ट्वीट के हवाले से कहा कि देशभक्ति और सेवा कार्यों में लगे सभी स्वयंसेवकों को आरएसएस के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं। तो वहीं संघ प्रमुख मोहन भगवत ने भी एक सभा को संबोधित करते हुए स्वयंसेवकों के साथ साथ देशवासियों को शुभकामनाएं दी।

आपको बता दें कि हर साल दशहरे के मौके पर संघ का स्थापना दिवस मनाया जाता है। गौर हो कि साल 1925 में सितंबर के महीने में केशव बलिराम हेडगेवार ने आरएसएस की स्थापना की थी।

इस संगठन की पहचान भारत का एक दक्षिणपंथी, हिन्दू राष्ट्रवादी और स्वयंसेवक संगठन के तौर पर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संघ विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संस्थान है।

आपको बता दें कि जितने लोग इस संगठन को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की नाम से जानते हैं, उससे कहीं ज्यादा लोग इसे सिर्फ RSS के नाम से ही जानते हैं। बताया जाता है कि स्थापना के करीब 50 साल बात 1975 में जब आपातकाल की घोषणा हुई तब तत्कालीन जनसंघ पर भी संघ के साथ प्रतिबंध लगा दिया गया था।
 

आपातकाल हटने के बाद जनसंघ का विलय जनता पार्टी में हुआ और केन्द्र में मोरारजी देसाई के प्रधानमन्त्रित्व में मिलीजुली सरकार बनी। साल 1975 के बाद से धीरे-धीरे इस संगठन का राजनैतिक महत्व बढ़ता गया और इसकी परिणति भाजपा जैसे राजनैतिक दल के रूप में हुई जिसे आमतौर पर संघ की राजनैतिक शाखा के रूप में बताया जाता है।
 

संघ की स्थापना के 75 साल बाद साल 2000 में प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एन०डी०ए० की मिलीजुली सरकार भारत की केन्द्रीय सत्ता पर काबिज हुई थी। आपको बता दें कि शुरुआत में, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में तिरंगा को स्वीकार नहीं किया।इस दौरान संघ ने, अपने मुखपत्र “ऑर्गनाइज़र” के 17 जुलाई 1947 को “राष्ट्रीय ध्वज” शीर्षक वाले संपादकीय में, “भगवा ध्वज” को राष्ट्रीय ध्वज बनाने की मांग रख ली थी, हालांकि इसके कुछ समय बाद संघ ने  भी तिरंगे को राष्ट्र ध्वज माना । ऐसे में अगर मौजूदा समय में देखा जाए तो स्वंयसेवक तिरंगे के लिए मरने मारने को भी तैयार है।

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