Punjab चुनाव 2022: जालंधर वेस्ट में आप के बागी डा. माली व भाजपा प्रत्यशी मोहिंदर भगत की जोड़ी देगी विरोधियों को शिकस्त – कांग्रेसी उम्मीदवार सुशील रिंकू बरसात में भी प्रचार में डटे जबकि बसपा-शिअद गठबंधन उम्मीदवार अनिल मीनिया के समर्थको में देखी जा रही रही कमी
जालंधर वेस्ट हलके से आप की टिकट न मिलने के बाद बागी हुए डा. शिव दयाल माली ने भाजपा प्रत्याशी मोहिंदर भगत को समर्थन दे दिया है। डा. वाली फिलहाल भाजपा में शामिल नहीं हुए हैं। उनके समर्थन से भगत बिरादरी का वोट बैंक एकजुट हो सकता है।

जालंधर। आम आदमी पार्टी में बगावत देखने को मिली है। जालंधर वेस्ट हलके की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। हलके से आप की टिकट न मिलने के बाद बागी हुए डा. शिव दयाल माली ने वेस्ट हलके में भाजपा प्रत्याशी मोहिंदर भगत को समर्थन दे दिया है। डा. माली फिलहाल भाजपा में शामिल नहीं हुए हैं लेकिन उनके समर्थन से भगत बिरादरी का वोट बैंक एकजुट हो गया है और इसका लाभ मोहिंदर भगत को चुनाव में मिलना तय है। रविवार को मोहिंदर भगत ने भार्गव कैंप में डा. शिव दयाल माली से मुलाकात की और लंबी चर्चा के बाद डा. माली ने उन्हें अपना समर्थन दे दिया।
डा. माली ने कहा है कि वह वेस्ट हलके की बेहतरी के लिए मिलकर काम करेंगे। डा. शिव दयाल माली जालंधर वेस्ट हलके में पिछले 6 साल से काम कर रहे हैं और आम आदमी पार्टी की टिकट के सबसे बड़े दावेदार थे लेकिन अंतिम समय में भाजपा छोड़कर आप में शामिल हुए शीतल अंगुराल को टिकट दी गई। इसके बाद से डा. माली नाराज चल रहे थे। अगर वह आजाद रूप से चुनाव लड़ते तो भगत बिरादरी का वोट बैंक बंट सकता था। मोहिंदर भगत ने समय रहते डा. माली को अपने साथ लाने में सफलता हासिल की है। डा. शिव दयाल माली भाजपा में कब शामिल होंगे या बाहर से ही समर्थन जारी रखेंगे, इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है।

जालंधर से ये प्रत्याशी चुनावी मैदान में
जालंधर वेस्ट विधानसभा सीट पर सभी पार्टियों की ओर से प्रत्याशियों के नाम की घोषणा के बाद चुनावी मैदान सज गया है। कांग्रेस की ओर से निवर्तमान प्रत्याशी सुशील रिंकू के लिए सीट बचाने की चुनौती होगी। वहीं मोहिंदर भगत पिछले चुनाव में हार का बदला लेना चाहेंगे। आम आदमी पार्टी ने कभी भाजपा में रहे शीतल अंगुराल को टिकट दी है। वहीं शिअद-बसपा की ओर से अनिल मिनिया को मैदान में उतारा गया है। कांग्रेसी उम्मीदवार सुशील रिंकू बरसाती मौसम में भी चुनाव प्रचार में डटे है व बसपा-शिअद गठबंधन के अनिल मीनिया के समर्थको में कमी देखी जा रही है व आप उम्मीदवार शीतल अंगुराल द्वारा जमीनी स्तर पर कम व सोशल मीडिया पर ज्यादा अपडेट देखी जा रही है।



