Punjab Election 2022: राणा गुरजीत का अब अवतार हैनरी पर हमला, बोले- जालंधर नार्थ हलके से हुई पंजाब में नशे की शुरुआत
Punjab Vidhan Sabha Election 2022 राणा गुरजीत ने हैनरी के जालंधर उत्तरी हलके को पंजाब में नशा तस्करी का जनक बताकर नए विवाद को जन्म दिया है। राणा का कहना है कि खैहरा व हैनरी जैसे नेताओं की गलत कामों के कारण कांग्रेस को मुसीबतें झेलनी पड़ सकती हैं।

कपूरथला -: Rana Gurjeet Vs Avtar Henry भुलत्थ के विधायक सुखपाल सिंह खैहरा की टिकट रद किए जाने की मांग उठाने वाले कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने अब दोआबा के दिग्गज कांग्रेसी नेता अवतार हैनरी के खिलाफ मोर्चा खोला है। राणा गुरजीत ने हैनरी के जालंधर उत्तरी हलके को पंजाब में नशा तस्करी का जनक बताकर नए विवाद को जन्म दिया है। राणा का कहना है कि खैहरा व हैनरी जैसे नेताओं की गलत कामों के कारण कांग्रेस को आगे चलकर मुसीबतें झेलनी पड़ सकती हैं। बता दें कि राणा गुरजीत सिंह ने रविवार को सोनिया गांधी को पत्र लिखकर मनी लांड्रिंग मामले में पटियाला जेल में बंद सुखपाल सिंह खैहरा की टिकट रद करने की मांग उठाकर सभी को हैरान कर दिया था।
जालंधर उत्तर की काजी मंडी बनी नशे की मंडी
कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत ने पूर्व मंत्री अवतार हैनरी पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा है कि पंजाब में नशे की शुरुआत जालंधर उत्तरी क्षेत्र में पड़ती काजी मंडी से हुई है। काजी मंडी काफी समय से नशे की मंडी बनी हुई है, जिससे हजारों नौजवान बरबाद हो रहे हैं। ऐसे बयान देकर आप कांग्रेस को कमजोर करने की क्यो कोशिश कर रहे हैं, इसके उत्तर में राणा ने कहा कि अवतार हैनरी तो उम्मीदवार ही नहीं हैं। उनका बेटा बावा हैनरी चुनाव हारने वाला है। यह लोग उसकी हार का ठीकरा उनके सिर पर ही फोड़ेंगे।
खैहरा के खिलाफ पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में उन्होंने उन्हें पार्टी से निष्कासित करने की मांग की थी। राणा ने कहा था कि यह कोई आम नहीं बल्कि यह ड्रग मनी से जुड़ा मामला है। केस से जुड़ी रकम को नशे के जरिए कमाया गया था, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। राणा ने हैनरी व खैहरा के मामले को लेकर कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से नशे के खिलाफ रही है। हमारे पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने 2015 को पंजाब में नशे की गंभीर समस्या का मुद्दा उठाया था।
खैहरा सहित छह नेताओं ने की थी राणा को पार्टी से निकालने की मांग
पिछले दिनों सीनियर कांग्रेस नेता और तकनीकी शिक्षा मंत्री राणा गुरजीत सिंह को भ्रष्टाचार में लिप्त बताते हुए सुखपाल खैहरा, सुल्तानपुर लोधी के विधायक नवतेज चीमा सहित छह नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर उन्हें पार्टी से निकालने की मांग की है। इसी के जवाब में अब राणा ने विरोधियों पर पलटवार किया है।
जेल में बंद खैहरा का ट्वीट:कपूरथला से कांग्रेस कैंडिडेट राणा को बताया अहंकारी-दागी, कहा- कांग्रेस को हराने में लगे राणा, नेताओं को दूसरे दलों में भेजा
पंजाब के भुलत्थ से कांग्रेस के प्रत्याशी और फिलहाल मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में न्यायिक हिरासत में चल रहे सुखपाल सिंह खैहरा ने मंत्री राणा गुरजीत सिंह को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया है। खैहरा ने जेल से ही ट्वीट करके कहा कि दागी व अहंकारी राणा को भुलत्थ की चिंता करने और उनके खिलाफ बेबुनियाद, मनघड़ंत इल्जाम लगाने से पहले सुल्तानपुर लोधी में आजाद खड़े किए गए अपने बेटे को वहां से हटाना चाहिए।
राणा कांग्रेस को हराने में लगा
खैहरा ने ट्वीट में आरोप लगाया कि दागी राणा पंजाब में कांग्रेस को हराना चाहता है। यदि हिम्मत है तो वह सार्वजनिक रूप से सामने आकर स्वीकार करें कि उन्होंने कांग्रेस को हराने के लिए अपने एक कारिंदे गोरे गिल को कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी में शामिल करवाया। जबकि फगवाड़ा से एग्रो इंडस्ट्री के चेयरमैन जोगेंद्र सिंह मान को आम आदमी पार्टी में शामिल करवा कर टिकट दिलवाई।
खैहरा ने अपने ट्वीट में कहा कि दरअसल सच्चाई यह है कि दागी राणा गुरजीत सिंह की पुरजोर कोशिश ही है कि वह किसी भी तरीके से कांग्रेस पार्टी की पीठ में छुरा घोंप कर पार्टी को चुनाव में हराए। इसलिए वह एसी हरकतें कर रहे हैं।
इसलिए निशाने पर राणा
निवर्तमान विधायक एवं मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने कहा था कि उन्होंने एक चिट्ठी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजी है। चिट्ठी में उन्होंने भुलत्थ से सुखपाल सिंह खैहरा की टिकट रद्द कर किसी अन्य को देने की मांग की है।
राणा गुरजीत ने कहा था कि ईडी ने सुखपाल सिंह खैहरा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्ज शीट दायर कर रखी है और वह अभी न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने हाईकमान को लिखा है कि वह भुलत्थ सीट पर अपना फैसला बदले और जेल में बंद खैहरा को पार्टी से जल्द निष्कासित करें। राणा ने कहा था कि यह मनी लॉन्ड्रिंग का आम मामला नहीं है बल्कि विदेश से आई ड्रग मनी से जुड़ा है।
नशाखोरी कांग्रेस का मुद्दा
मंत्री राणा ने कहा था कि पंजाब नशे से त्रस्त है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस सत्ता में आई थी। बाकायदा नशे के सौदागरों को नकेल डालने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाई गई थी। खुद राहुल गांधी ने 2015 में नशे का मुद्दा उठाया था। फिर ऐसे व्यक्ति जिसने नशे से पैसा कमाया हो, उसे टिकट कैसे दिया जा सकता है। कांग्रेस हाईकमान को नशे के मुद्दे पर सख्त स्टैंड लेना चाहिए। जो व्यक्ति इन आरोपों में दागी है और जेल में बंद है, उसे टिकट नहीं मिलनी चाहिए।




