पंजाब सरकार के आदेशों का नहीं दिखा असर, घनौली में पंजाब-हिमाचल बार्डर पर कोई नाका नहीं
कोरोना का कहर बेशक अब नाममात्र रह गया है लेकिन तीसरी लहर की संभावना ने लोगों की चिंता बढ़ाई हुई है। लेकिन पंजाब और हिमाचल के बार्डरों पर हिमाचल पुलिस जितनी सक्रिय दिखती है उतनी पंजाब पुलिस नहीं है।

घनौली (रूपनगर) : कोरोना का कहर बेशक अब नाममात्र रह गया है लेकिन तीसरी लहर की संभावना ने लोगों की चिंता बढ़ाई हुई है। लेकिन पंजाब और हिमाचल के बार्डरों पर हिमाचल पुलिस जितनी सक्रिय दिखती है उतनी पंजाब पुलिस नहीं है। घनौली से वाया ढेरोवाल बैरियर हिमाचल में दाखिल होना हिमाचल के बाहर के लोगों के लिए आसान नहीं है। लेकिन पंजाब में आने वाले हिमाचल के लोगों के लिए कोई चेकिंग नहीं है। न ही कोई नाका है न ही कोई स्वास्थ्य विभाग या पुलिस की टीम तैनात है। ऐसा तब है जब पंजाब सरकार ने हाल ही में एलान किया है कि हिमाचल और जेएंडके से पंजाब में दाखिल होने पर राहगीरों की कोविड टेस्ट रिपोर्ट और कोविड वैक्सीन सर्टिफिकेट जांचा जाएगा।
अहम बात ये है कि रूपनगर जिले में घनौली, भरतगढ़, कीरतपुर साहिब, आनंदपुर साहिब, नंगल का सीधा संपर्क हिमाचल के तीन जिलों ऊना, बिलासपुर और सोलन से हैं। नंगल में बिलासपुर जाने वाले बरमला एंट्री प्वाइंट और ऊना को जाने प्रमुख रास्ते मेहतपुर पर कोई चेकिंग नहीं की जा रही। इसी तरह घनौली से ढेरोवाल, भरतगढ़ से दबोटा प्रमुख रास्ते हैं। जिन पर पंजाब पुलिस या स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम तैनात नहीं है।
सभी जगह पर नाके लगाए जाएंगे, आदेश दिएः डीसी सोनाली गिरी
रूपनगर की डीसी सोनाली गिरी ने कहा कि नंगल, भरतगढ़ और घनौली आदि से हिमाचल को जाने वाले रास्तों पर चेकिंग नाके लगाने के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। पहले श्री नयना देवी में श्रावण नवरात्र के मद्देनजर भारी तादात में आने वाली संगत को लेकर बिलासपुर जिले में दाखिल होने वाले रास्तों पर पांच नाके लगाए गए हैं।