CM कैप्टन अमरिंदर सिंह 20 सितंबर को अकाल तख्त पर तलब, बरगाड़ी बेअदबी मामले में मांगा स्पष्टीकरण
जत्थेदार ध्यान सिंह मंड ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पर बरगाड़ी मामले में 20 सितंबर को श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब किया है। बरगाड़ी के दोषियों को अभी तक सजाएं ना देने के मुद्दे पर 20 सितंबर को संगत के सामने अपना स्पष्टीकरण पेश करें।

अमृतसर। सरबत खालसा की ओर से नियुक्त किए गए अकाल तख्त के जत्थेदार ध्यान सिंह मंड ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को बरगाड़ी मामले में 20 सितंबर को श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब किया है। जत्थेदार ध्यान सिंह मंड ने श्री अकाल तख्त साहिब पर अपने समर्थकों और 5 सिंह साहब के साथ बैठक करके और 2 कैबिनेट मंत्रियों और तीन विधायकों की ओर से दिए गए पत्र को आधार बनाकर यह फैसला सुनाया।
कैप्टन अमरिंदर सिंह को अभी तक संगत को न्याय ना दिए जाने के विषय पर स्पष्टीकरण देने के लिए अकाल तख्त पर 20 सितंबर को तलब किया गया है। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के मंत्रियों और विधायकों के पत्र में उठाए मुद्दों और बरगाड़ी के दोषियों को अभी तक सजा न देने पर मुख्यमंत्री 20 सितंबर को संगत के सामने अपना स्पष्टीकरण पेश करें।
वर्ष 2015 में पंजाब को हिला देने वाले बरगाड़ी बेअदबी कांड में करीब छह साल बाद भी कोई दोषी नहीं पकड़ा गया है। यह पूरा मामला एक के बाद एक कई जांचों में उलझ कर रह गया। पिछली शिअद भाजपा सरकार और वर्तमान कैप्टन सरकार ने पंजाब पुलिस की एसआईटी, सीबीआई, जस्टिस जोरा सिंह आयोग और जस्टिस रणजीत सिंह आयोग से मामले की पड़ताल करवाई पर बात किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंची। सच यह है कि अब तक श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप की बेअदबी करने वालों की पहचान तक नहीं हो पाई है। पंजाब पुलिस की एसआईटी ने इस मामले में डेरा सच्चा सौदा सिरसा के छह अनुयायियों को आरोपित बनाया है।
वर्ष 2015 में सामने आया था बरगाड़ी बेअदबी मामला
12 अक्टूबर, 2015 को गांव बरगाड़ी के गुरुद्वारा साहिब के बाहर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप की बेअदबी का मामला सामने आया था। घटना के बाद सिख संगत में भारी गुस्सा देखने को मिला था। पूरे पंजाब में इसके खिलाफ प्रदर्शन करके सिख संगत ने रोष जाहिर किया था। तब से लेकर आज तक पुलिस, सीबीआइ और जांच आयोग की पड़ताल के बाद भी मामले में किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है।