जालंधर में भीड़ की वहशियाना करतूत:रास्ता भटके मजदूर को चोर समझकर हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से पीटा; पुलिस ने बिना कार्रवाई किए भगाया

जालंधर में भीड़ के वहशियाना करतूत उजागर हुई है। सुबह रास्ता भटके मजदूर को लोगों ने चोर समझ लिया। इसके बाद उसके हाथ-पैर बांध दिए और जमकर पीटा। पुलिस आई तो भी लोग उसे पीटते रहे। बाद में CCTV फुटेज चैक हुई तो पता चला कि चोर कोई दूसरा था। इसके बाद गरीब मजदूर को वहां से भगा दिया गया। पुलिस ने बेवजह मारपीट करने वालों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई तक नहीं की।
हुआ यूं कि सराभा नगर में चोर ने एक प्रॉपर्टी डीलर के आफिस का ताला तोड़ दिया। वह सुबह अपने आफिस पहुंचा। ताला टूटा देख वो आसपास चोरों को देखने लगा। तभी वहां एक मजदूर बैग टांगे हुए गुजरता दिखा। वहां लोग भी इकट्ठा हो गए थे। लोगों ने उसे पूछा तो वो बोला कि मुझे कबूलपुर धोगड़ी रोड जाना है। यह रास्ता कबूलपुर नहीं जाता था। इसलिए लोगों ने उसी पर चोरी की कोशिश का शक कर लिया।

भीड़ ने घेरकर हाथ-पैर बांधे व पीटने लगे
भीड़ ने उसे घेर लिया और उसके हाथ-पैर बांधकर पीटना शुरू कर दिया। वह गिड़गिड़ाता रहा कि वह चोर नहीं बल्कि मजदूरी करने आया है लेकिन वहशी हो चुके लोगों ने उसकी कोई बात नहीं सुनी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। मजदूर को पीट रहे लोगों ने पुलिस वालों के साथ भी बहस की।
सीसीटीवी में निकला कोई दूसरा चोर
इसके बाद प्रापर्टी डीलर की दुकान के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे को चैक किया गया। चोर व मजदूर के हुलिए में बहुत फर्क था। चोर रात 1.10 बजे ही वहां से भाग चुका था। इसके बाद युवक को अस्पताल भेजा गया।
फैक्ट्री मालिक की देरी से पैदल ही जा रहा था युवक, पुलिस बोली-शिकायत नहीं मिली
युवक ने बताया कि वह मजदूरी के लिए जालंधर आया था। उसे कबूलपुर की फैक्ट्री में काम मिला था। वह सुबह ही पठानकोट चौक पर उतरा था। वहां फैक्ट्री मालिक उसे लेने आना था। उसको देरी हुई तो युवक खुद ही आगे चल पड़ा और रास्ता भटक गया। उसके बैग की तलाशी ली गई तो टिकट, कपड़े व रोटी मिली। थाना डिवीजन 8 के एसएचओ रूपिंदर सिंह ने कहा कि मजदूर से कोई शिकायत नहीं मिली है। मारपीट की एक वीडियो पुलिस तक पहुंची है, उसकी जांच की जा रही है।



