किसान आंदोलनः अनिश्चितकाल के लिए बंद नहीं की जा सकती सड़कें, केंद्र और राज्य ढूढें समाधान

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनकारी किसानों के प्रदर्शन के चलते आवाजाही के लिए बंद की गसई सड़कों की समस्या का समाधान ढूंढे। अदालत ने यह निर्देश नोएडा के एक निवासी की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में नोएडा से दिल्ली का मार्ग खाली रखना सुनिश्चित करने की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ता का कहना है कि नोएडा से दिल्ली को जोड़ने वाली सड़कें किसान आंदोलन की वजह से बंद हैं और इसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन्हें तत्काल खोला जाना चाहिए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि आखिर अब तक सड़कें बंद क्यों हैं। प्रदर्शन करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन सड़कें बंद नहीं होनी चाहिए।
मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय किशन कौल ने कहा, ‘किसानों को प्रदर्शन का अधिकार है लेकिन सड़कों को अनिश्चितकाल के लिए बंद नहीं किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा, ‘ इसका समाधान केंद्र सरकार और संबंधित राज्य के हाथ में है। चाहे वजह कोई भी हो, सड़कों को ब्लॉक नहीं किया जा सकता है।’ इसम मामले में केंद्र सरकार को समाधान ढूंढकर अदालत को रिपोर्ट करने को कहा गया है।
यूपी सरकार ने मामले में अदालत को बताया है कि प्रदर्शनकारी किसानों से बात कर उन्हें सड़क खाली करने के लिए समझाने की कोशिश की जा रही है। यूपी सरकार ने कहा कि वो प्रदर्शनकारियों को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनका सड़क ब्लॉक करना सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है।
नोएडा की निवासी मोनिका अग्रवाल ने अदालत में याचिका दाखिल कर कहा है कि सड़कों को खाली रखने के सुप्रीम कोर्ट के बार-बार के निर्देशों के बावजूद भी इसका पालन नहीं किया गया है। उनका कहना था कि सिंगल मदर और कई मेडिकल समस्याओं के साथ जूझने की वजह से उनके लिए नोएडा से दिल्ली आना एक बुरे सपने की तरह हो गया है।
गौरतलब है कि पिछले 9 महीने से किसान 3 कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली को हरियाणा से जोड़ने वाले सिंघु बॉर्डर, नोएडा-गाजियाबाद से जोड़ने वाले गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसान बैठे हैं। इस वजह से इन रास्तों पर पिछले कई महीनों से ट्रैफिक बाधित है।



