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कांग्रेस का एक व्यक्ति-एक पद फॉर्मूला:वर्किंग प्रधान नागरा, गिलजियां और संगठन महासचिव परगट बने मंत्री; संगठन में होगा फेरबदल?

चंडीगढ़ : कांग्रेस के एक व्यक्ति-एक पद फॉर्मूले के बाद अब पंजाब कांग्रेस के संगठन में जल्द फेरबदल हो सकता है। पंजाब कांग्रेस के वर्किंग प्रधान कुलजीत नागरा और संगत सिंह गिलजियां मंत्री बन रहे हैं। वहीं, नवजोत सिद्धू ने अपने करीबी परगट सिंह को संगठन महासचिव बनाया था। वो भी मंत्री बन रहे हैं। ऐसे में तय है कि अब कांग्रेस पंजाब के संगठन में फेरबदल करेगी। इसको लेकर भी अब मंत्री पद से वंचित रहे नेताओं ने जोर-आजमाइश शुरू कर दी है। हालांकि इतना तय है कि सरकार के बाद संगठन में भी कैप्टन विरोधियों की ही एंट्री रहेगी।
करीब डेढ़ साल से भंग है संगठन
पंजाब में कांग्रेस का संगठन करीब डेढ़ साल से भंग है। साल 2020 में राज्य से लेकर जिला स्तर के संगठन भंग कर दिए गए थे। इसके बाद सुनील जाखड़ प्रधान रहे। अब नवजोत सिद्धू प्रधान बन गए। उनके साथ चार वर्किंग प्रधान लगाए गए लेकिन उनमें से 2 मंत्री बन गए हैं। सिद्धू के पास संगठन में अब वर्किंग प्रधान पवन गोयल और सुखविंदर डैनी रह गए हैं। इसके अलावा नए महासचिव योगिंदर पाल ढींगरा और कैशियर गुलजार इंदर चहल भी टीम में हैं। इसके अलावा अभी तक कहीं भी नए पदाधिकारियों की नियुक्ति नहीं हुई है।
संगठन के बाद सरकार में भी वही चेहरे
पंजाब में CM चरणजीत चन्नी की सरकार बनने के बाद अब सियासी तौर पर नई चर्चा शुरू हो गई है। सिद्धू के प्रधान बनने के बाद सबसे आगे परगट सिंह, कुलजीत नागरा और गिलजियां ही नजर आते थे। अब सरकार में भी वो मंत्री होंगे। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि कांग्रेस हाईकमान सिद्धू के साथ नए वर्किंग प्रधान लगाती है या फिर संगठन ऐसे ही चलेगा।
2 महीने बाद भी संगठन नहीं बना सके सिद्धू
बड़ा सवाल अब नवजोत सिद्धू को लेकर भी है। पंजाब में विधानसभा चुनाव करीब 90 दिन बचे हैं। सिद्धू ने 23 जुलाई को पंजाब कांग्रेस प्रधान का पद संभाला था। इसके बाद 2 महीने बीत गए लेकिन अभी तक संगठन नहीं बना। सिद्धू ग्रुप का पूरा जोर कैप्टन को कुर्सी से हटाने पर ही लगा रह गया। अब संगठन मजबूत करने के साथ उसकी बगावत से निपटने के लिए भी ज्यादा वक्त नहीं बचा है। ऐसे में कांग्रेसी खुद सवाल उठाने लगे हैं कि क्या सिद्धू अकेले ही पूरी पार्टी को चलाएंगे या जिला स्तर पर भी पदाधिकारी बना संगठन का कामकाज होगा।

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