Techअमृतसरकपूरथला / फगवाड़ागुरदासपुरचंडीगढ़जम्मू-कश्मीरजालंधरपंजाबपटियालाफिरोज़पुरराष्ट्रीयलुधियानाहरियाणाहिमाचलहोशियारपुर

बाइक पर ले जा रहे हैं बच्चे को, तो जरा सावधान…जान लें पहले ये नए नियम

परिजन अपने बच्चों को पहले कैसे भी अपनी बाइक पर बिठकर घुमा लेते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सरकार ने इसके लिए अब नए नियम जारी किए हैं। नए नियमों में बताया गया है कि अगर बाइक-स्कूटर या एक्टिवा पर बच्चा भी सफर कर रहा है तो उस समय गाड़ी की रफ्तार कितनी होनी चाहिए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) ने बाल यात्रियों के लिए सुरक्षा उपायों को लागू करने के उद्देश्य से प्रस्ताव दिया है कि 4 साल तक के बच्चे को मोटरसाइकिल पर पीछे बिठाकर ले जाते वक्त दोपहिया वाहन की गति 40 किमी प्रति घंटे से अधिक कतई नहीं होनी चाहिए।

मंत्रालय ने एक मसौदा अधिसूचना में यह भी प्रस्ताव दिया है कि दोपहिया चालक यह सुनिश्चित करेगा कि पीछे बैठने वाले 9 महीने से 4 साल के बच्चे को क्रैश हेलमेट पहनाया गया हो। मंत्रालय द्वारा जारी मसौदा अधिसूचना के अनुसार, ‘‘4 साल तक के बच्चे को ले जाते वक्त मोटरसाइकिल की गति 40 किमी प्रति घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए।” मंत्रालय ने आगे कहा कि मोटरसाइकिल का चालक यह सुनिश्चित करेगा कि चार साल से कम उम्र के बच्चों को अपने साथ बांधे रखने के लिए ‘सेफ्टी हार्नेस’ का इस्तेमाल किया जाए।

PunjabKesari

‘सुरक्षा हार्नेस’ बच्चे द्वारा पहना जाने वाला एक ऐसा जैकेट होता है, जिसके आकार में फेरबदल किया जा सकता है। उस सुरक्षा जैकेट से जुड़े फीते इस तरह लगे होते हैं कि उसे वाहन चालक भी अपने कंधों से जोड़ सके। मंत्रालय ने मसौदा नियमों पर आपत्ति और सुझाव भी मांगे हैं। वहीं, सड़क सुरक्षा मामलों के वैश्विक निकाय अंतरराष्ट्रीय सड़क महासंघ (IRF) ने मंत्रालय के इस प्रस्ताव का स्वागत किया है।

PunjabKesari

IRF से जुड़े पदाधिकारी के.के. कपिला ने कहा कि निम्न एवं मध्यम वर्गीय परिवार परिवहन के लिए अधिकतर दो पहिया वाहन का उपयोग करते हैं। नए नियम को यदि सख्ती से लागू किया जाता है तो ये निश्चित तौर पर दुर्घटनाओं में कमी लाने में मददगार साबित होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page