Techअमृतसरकपूरथला / फगवाड़ागुरदासपुरचंडीगढ़जालंधरपंजाबपटियालाफिरोज़पुरराष्ट्रीयलुधियानाहोशियारपुर

पंजाब में 7 नवंबर से 21 नवंबर तक(15दिनों के लिए) शाम 5 बजे ही बंद हो जाएंगे पेट्रोल पंप! खर्च घटाने के लिए पेट्रोल पंप (PPDAP) संचालकों का फैसला

आर्थिक संकट से घिरे पेट्रोल पंप संचालकों ने खर्च कम करने के लिए शाम पांच बजे ही पेट्रोल पंप बंद कर देने का निर्णय लिया है। पेट्रोल पंप सुबह 7 बजे खोले जाएंगे और शाम 5 बजे बंद भी कर दिए जाएंगे। नई व्यवस्था 7 नवंबर से लागू की जाएगी।

पंजाब में अगले 15 दिन लोगों के लिए मुश्किल हो सकते हैं। अब लोगों को शाम 5 बजे के बाद पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। पेट्रोल पंप सिर्फ सुबह 7 से शाम 5 बजे तक ही खुले रहेंगे। पंजाब पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन की बैठक में यह फैसला लिया गया है।

रविवार को डीलर्स की लुधियाना में हुई मीटिंग के बाद इसकी घोषणा की गई। इस मीटिंग में जालंधर, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, रोपड़, मोहाली, होशियारपुर, मोगा समेत करीब 50 पेट्रोल पंप मालिकों ने हिस्सा लिया। जिसमें एसोसिएशन के मनजीत सिंह, अशोक सचदेवा, मोंटी सहगल भी मौजूद रहे।

एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह दोआबा ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमत लगातार बढ़ रही हैं। इससे उनकी इनपुट लागत बढ़ रही है। इसके मुकाबले उनके कमीशन में कोई इजाफा नहीं हुआ। पिछले 5 सालों में लागत दोगुनी हो चुकी है। इस बारे में सरकार से कई बार मीटिंग हो चुकी हैं। कीमतों पर नियंत्रण से लेकर वो कमीशन बढ़ाने की मांग कर चुके हैं। इसके बावजूद कोई फैसला नहीं लिया गया।

मीटिंग में बोलते प्रधान परमजीत सिंह दोआबा
मीटिंग में बोलते प्रधान परमजीत सिंह दोआबा

इसलिए लिया फैसला
एसोसिएशन के मुताबिक पेट्रोल पंप 24 घंटे या देर रात तक खुले रखने से उनका खर्च बढ़ रहा है। इसके मुकाबले कमाई कम है। इस वजह से वो अब सुबह देर से पंप खोलेंगे और शाम को भी जल्दी बंद कर देंगे। इससे उनकी लागत में थोड़ी कमी आएगी।

मीटिंग में मौजूद पेट्रोल पंप डीलर
मीटिंग में मौजूद पेट्रोल पंप डीलर

15 दिन बाद करेंगे हड़ताल
एसोसिएशन के मुताबिक फिलहाल 7 से 21 नवंबर तक यह प्रक्रिया रहेगी। अगर अगले 15 दिनों में भी सरकार ने बात न सुनी तो फिर 22 नवंबर को पूरे दिन के लिए पेट्रोल पंप बंद रखे जाएंगे। जिसमें वो आगे के संघर्ष की रणनीति तय करेंगे। कमीशन न बढ़ने और कीमतों में रोज बढ़ोतरी से कई पंप बंद होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। इसलिए वह संघर्ष के लिए मजबूर हुए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page