जालंधरराजनीति

चन्नी के मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहिंद्र सिंह के.पी. की राजनीति में फिर से सक्रियता बढ़ी, पढें पूरी खबर

पंजाब के दोआबा क्षेत्र में एस.सी. राजनीति में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं। कैप्टन अमरेंद्र सिंह की तरफ से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद राजनीति में पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहिंद्र सिंह के.पी. की एक बार फिर से पार्टी में सक्रियता बढ़ गई है। के.पी. की पंजाब के मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी के साथ नजदीकी रिश्तेदारी है। एस.सी. राजनीति में के.पी. की तरफ से आने वाले दिनों में अहम भूमिका निभाए जाने के संकेत मिल रहे हैं। कैप्टन अमरेंद्र सिंह सरकार के समय के.पी. हालांकि राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रहे परन्तु अब उनका नाम मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ जुड़ा होने के कारण उनकी अहमीयत बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। 

कांग्रेस नेताओं का मानना है कि के.पी. अगले विधानसभा चुनाव जीतकर कांग्रेस कैबिनेट में अपना स्थान सुरक्षित बनाना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि के.पी. की तरफ से सुरक्षित विधानसभा सीट की तलाश भी शुरू कर दी गई है। कांग्रेस के एस.सी. भाईचारे से संबंधित नेताओं ने के.पी. के साथ अपनी नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दीं हैं। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस की तरफ के.पी. को अगले विधानसभा चुनाव में किस हलके से चयन मैदान में उतारा जाता है।

के.पी. जहां पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी प्रधान भी रह चुके हैं और साथ ही वह पंजाब में कैबिनेट के अंदर अलग-अलग विभागों का सफलतापूर्वक संचालन भी कर चुके हैं। इस समय पंजाब सरकार ने उनको टैक्निकल एजुकेशन बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया हुआ है। यह बोर्ड पहले चन्नी के अधीन काम करता था। चन्नी के मुख्यमंत्री बनने के बाद के.पी. राजनीति में पूरी तरह सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। चन्नी के दोआबा में होने वाले हर एक  प्रोग्राम में के.पी. की हाजिरी देखी जा रही है। कल डेरा बल्लां में चन्नी आए थे तो वहां भी के.पी. उनके साथ सक्रिय थे और कपूरथला में भी के.पी. मुख्यमंत्री के साथ दिखाई दिए। 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page