
क्या हाथी पर बैठने से भी कोई CM बन सकता है? यह सवाल इसलिए क्योंकि पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी के लिए यह टोटका सच साबित हो गया। CM बनने के लिए चन्नी दिसंबर 2017 में चन्नी मोहाली के खरड़ स्थित आवास पर सज-धजकर हाथी पर बैठे थे। चन्नी उस वक्त कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री थे। वह घर के कंपाउंड में ही हाथी की सवारी कर रहे थे। कड़ाके की ठंड वाली सुबह में उन्हें ऐसा करते देख पड़ोसी भी हैरान थे।
इसके बाद पता चला कि चन्नी को किसा ज्योतिषि ने राजनीतिक करियर में तरक्की के लिए यह सलाह दी थी। हाथी पर वो इसलिए बैठे कि CM बन जाएं। करीब 4 साल बाद सोमवार को चन्नी ने पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। जिस अप्रत्याशित सियासी हालात में उन्हें यह कुर्सी मिली, वह भी चौंकाने वाली है। चन्नी का CM को लेकर कहीं नाम तक नहीं था। अंत में हिंदू व जट्ट सिख चेहरे को लेकर मंथन बढ़ा तो उनका नाम आया। जो सियासी माहिरों से लेकर खुद चन्नी के लिए सरप्राइज साबित हुआ। चरणजीत चन्नी ज्योतिष पर खूब भरोसा करते हैं।
वास्तु ठीक करने के लिए ग्रीन बेल्ट खुदवा डाली थी
हाथी पर बैठने के अलावा एक बार उन्होंने चंडीगढ़ में घर की ग्रीन बेल्ट खुदवा डाली। असल में उन्हें किसी ने कहा कि घर का वास्तु सही नहीं है। यह सरकारी आवास था। उसकी एंट्री पूर्व दिशा में करने के लिए चन्नी ने ऐसा किया। वो बात अलग है कि चंडीगढ़ प्रशासन ने फिर वहां ग्रीन बेल्ट बनवा दी। चन्नी का विवादों से पुराना नाता है।
सिक्का उछालकर पोस्टिंग भी खूब चर्चा में रहा
उनका सिक्का उछालकर पोस्टिंग की जगह का फैसला भी काफी चर्चित रहा। लेक्चरर्स की एक ही जगह की तैनाती के लिए 2 आवेदक आ गए। चन्नी ने सिक्का उछाला और स्टेशन अलॉटमेंट का फैसला कर दिया।




