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इंतजार बाकी:13 साल से सीबीएसई और 6 साल से जिले के किसी भी टीचर को नहीं मिला नेशनल अवाॅर्ड

2008 में पीडीएवी की प्रिंसिपल डाॅ. रश्मि विज और 2015 में प्रिंसिपल गुरिंदरजीत कौर हो चुकी हैं सम्मानित

प्रिंसिपल्स और टीचर्स के योगदान और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए स्टेट तथा नेशनल अवाॅर्ड दिए जाते हैं। सीबीएसई की ओर से हर साल ‘सीबीएसई अवाॅर्ड टू टीचर्स’ दिए जाते हैं, लेकिन 13 साल से शहर के किसी भी स्कूल के प्रिंसिपल या टीचर को अवाॅर्ड नहीं मिला। जिले के सीबीएसई स्कूलों में 2008 में पुलिस डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. रश्मि विज को सीबीएसई की ओर से उक्त अवाॅर्ड दिया था। इस साल देशभर के सीबीएसई स्कूलों से 44 टीचर्स व प्रिंसिपल को अवाॅर्ड के लिए चुना है।

इनमें फतेहगढ़ साहिब के गर्वमेंट प्राइमरी स्कूल के टीचर जगतार सिंह भी शामिल हैं। ये पुरस्कार हर साल 5 सितंबर को दिए जाते हैं। इसी तरह केंद्र सरकार की ओर से टीचर्स डे यानी 5 सितंबर को नेशनल लेवल पर सभी सरकारी, प्राइवेट, एफिलिएटेड स्कूल्स के टीचर्स को शिक्षा में उनके योगदान के लिए अवाॅर्ड दिया जाता है। 6 साल से किसी भी टीचर को नेशनल अवाॅर्ड भी नहीं मिला। आखिरी बार 2015 में सरकारी स्कूल नेहरू गार्डन की प्रिंसिपल गुरिंदरजीत कौर को ये अवाॅर्ड मिला था। प्रिंसिपल डॉ. रश्मि विज कहती है कि हमने हमेशा बच्चों की पढ़ाई के बारे में सोचा। दर्जा-4 कर्मचारियों के बच्चों को दाखिला दिया। कोविड के दौरान भी बच्चों को मोटिवेट करते हुए ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखी।

सीबीएसई अवाॅर्ड के लिए पैरामीटर

  • टीचर्स के लिए 10 साल और प्रिंसिपल के लिए 10 साल का टीचिंग व पांच साल का बतौर प्रिंसिपल तजुर्बा होना जरूरी।
  • टीचर्स का बेहतरीन एकेडमिक रिकॉर्ड। पिछले तीन वर्षों में क्या रहा पास परसेंटेंज।
  • स्टूडेंट्स को क्वालिटी एजूकेशन प्रदान करने के लिए अपनी तरफ से लिया गया इनिशिएटिव।
  • क्लासरूम टीचिंग को इंट्रस्टिंग बनाने के लिए किए कार्य।
  • दिव्यांग व जरूरतमंद स्टूडेंट्स के लिए आगे बढ़कर कार्य करना।
  • अवाॅर्ड के लिए सीबीएसई स्कूलों के साथ सरकारी, एडिड, नवोदया विद्यालय, सैनिक स्कूलों के टीचर्स भी आवेदन कर सकते हैं। 2015 में नेशनल अवाॅर्ड पाने वाली प्रिंसिपल गुरिंदरजीत कौर ने 2010 में स्कूल जॉइन किया था। उन्होंने इस स्कूल में बच्चों की गिनती बढ़ाई।

ऐसे होता है चयन

शॉर्टलिस्ट हुए आवेदकों के दस्तावेजों की जांच राष्ट्रीय स्तर की जांच कमेटी करती है। कैंडिडेट से प्राप्त स्कोर के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार होती है। टॉप 6 स्कोर लाने वालों का नाम एमएचआरडी के पास राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए भेजा जाएगा। कैंडिडेट्स को योग्यता, योगदान, सहकर्मियों या साथी के मार्गदर्शन, 10 साल में निजी या पेशेवराना विकास गतिविधियों, समुदाय के प्रति योगदान, सदस्यता या नेतृत्व पोजिशन, वार्षिक प्रदर्शन, एनएसएससी, एनसीसी गाइड गतिविधियों और छात्र विकास के आधार पर शॉर्ट लिस्ट किया जाएगा।

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