
ऊर्जा मंत्रालय ने पूरे देश में स्मार्ट मीटर लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। जालंधर में 10 हजार थ्री फेस स्मार्ट मीटरों की इंस्टालेशन के बाद अब आम उपभोक्ताओं के घरों में भी स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू हो जाएगा। पहले उन उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिन्होंने बड़े स्तर पर बिजली चोरी की है।
सिंगल फेस के 3 लाख मीटर जालंधर में लगाने के आदेश जारी हो गए हैं। अब हर एक घर में प्रीपेड और पोस्टपेड मीटर इंस्टाल करने का काम शुरू हो जाएगा। स्मार्ट मीटर इंस्टाल करने के लिए अभी कोई चार्ज नहीं वसूला जा रहा है।
दो स्मार्ट मीटरों को एक मोबाइल से किया जा सकता है कनेक्ट, पोस्टपेड स्मार्ट मीटर में तुरंत बिजली नहीं होगी बंद
सरकारी विभागों, काॅमर्शियल व इंडस्ट्रियल यूनिटों को सबसे पहले किया जाएगा कवर
एक्सईएन गुरप्रीत सिंह ने बताया कि थ्री फेस और सिंगल फेस के तीन लाख स्मार्ट मीटरों से सबसे पहले सरकारी विभागों, कामर्शियल बिल्डिंग और इंडस्ट्रियल यूनिटों को कवर किया जाएगा। एग्रीकल्चर के अलावा हर जगह प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। स्मार्ट मीटरों का ट्रायल शहर में सफल हो गया है और अब हर घर में स्मार्ट मीटर लगाकर बिल वसूले जाएगा।
उपभोक्ता ने जितनी बिजली का इस्तेमाल करना है, उसी हिसाब से रिचार्ज करा सकता है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद जहां पावरकॉम को रीडिंग के बारे में जानकारी मिलेगी तो वहीं उपभोक्ता को उसके मोबाइल पर एप के जरिए खपत की रिपोर्ट मिलती रहेगी। इससे बिजली की रीडिंग गलत नहीं होगी।
चेक करने के बाद ही लगाए जा रहे हैं मीटर
एमई लैब में एक्सईएन गुरप्रीत सिंह ने बताया कि जितने भी स्मार्ट मीटर आ रहे हैं, उन्हें पहले टेस्ट किया जा रहा है। उसके बाद ही फील्ड में मीटर लगाए जा रहे हैं। अगर किसी तरह से मीटर में कोई गड़बड़ी होती है तो उसे बाहर निकाल दिया जाता है। चीफ इंजीनियर जैनिंदर दानिया ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने का जो नार्मल रेंट है, वही लिया जा रहा है। 3 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का टेंडर लग गया है।
सबसे ज्यादा फायदा किराये पर मकान देने वालों और एनआरआईज को ही होगा
स्मार्ट और पोस्ट पेड मीटरों का सबसे ज्यादा फायदा किराये पर मकान देने वालों और एनआरआईज को होगा। उन्हें अपने मोबाइल फोन पर इसकी जानकारी मिलती रहेगी। अगर किरायेदार बिजली बिल जमा नहीं करवाता है तो उसकी सप्लाई ऑटोमैटिक बंद हो जाएगी। बिल जमा करवाएगा तो ही बिजली चालू हो पाएगी।
इस तरह एनआरआईज भी विदेश में बैठे अपने घर का बिल देख पाएंगे। अगर किसी मकान मालिक ने एक घर में दो मीटर लगाए हैं तो उसकी जानकारी भी एक ही मोबाइल पर मिलती रहेगी। मीटर रीडर रीडिंग लेने के लिए नहीं आएगा। बिलिंग या कलेक्शन में हो रही गड़बड़ी या बिजली चोरी को रोकने में मदद मिलेगी। स्मार्ट मीटर लगने से पावरकाॅम को ये भी पता लग जाएगा कि किस इलाके में कितना लोड चल रहा है और उपभोक्ता भी लोड चेक कर सकता है।



