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National Deworming Day: आज बच्चे को खाली पेट स्कूल न भेजें, खिलाई जाएगी पेट के कीड़े मारने वाली एलबेंडाजाल की गोली

Jalandhar Today 25th August 2021 : पीसीवी वैक्सीन की लांचिंग सुबह 10 बजे

पांच साल तक के बच्चों में मौत का कारण निमोनिया भी बन रहा है। निमोनिया वायरल से बचाव को लेकर विभाग की ओर से पीवीसी वैक्सीन की शुरुआत की जा रही है। सेहत विभाग की ओर वैक्सीन की लांचिंग सुबह 10 बजे जच्चा बच्चा सेंटर में होगी।

National Deworming Day बुधवार को जालंधर के स्कूलों और आगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ रहे बच्चों को एलबेंडाजाल (Albendazole) गोली की एक खुराक खिलाई जाएगी। यह गोली पेट में कीड़ों की समस्या से मुक्ति दिलाती है। इससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास अच्छी तरह हो पाता है।

जालंधर। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation – WHO) बच्चों के पेट में कीड़े होना गंभीर समस्या मानता है। इससे छुटकारा पाने के लिए पूरे देश के साथ-साथ जालंधर जिले में  25 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (National De-Worming Day) मनाया जा रहा है। इसके तहत स्कूलों और आगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ रहे बच्चों को एलबेंडाजाल (Albendazole) गोली की एक खुराक खिलाई जाएगी। मंगलवार शाम को जिले के कई स्कूलों की ओर से पेरेंट्स को बच्चों को यह गोली खिलाने की सहमति देने के लिए संदेश भी पहुंचे हैं। अगर आपका बच्चे के स्कूल से ऐसा संदेश आया है तो हिचकिचाएं नहीं और तुरंत सहमति दें। बस इतना ध्यान रखें कि आज के दिन आपका लाडला या लाडली खानी पेट स्कूल न जाने पाए। उसे कुछ न कुछ खिलाकर ही भेजें। 

पेट में कीड़े रोकते हैं बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास

बच्चों के पेट में कीड़े होने से उनका शारीरिक और मानसिक विकास ठीक से नहीं हो पाता है। शारीरिक कमजोरी, शरीर में खून की कमी, चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं होने लगती हैं। वे कुपोषण के शिकार होने लगते हैं। इसका उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर बुरा प्रभाव पड़ता है। एलबेंडाजाल की गोली खाने से बच्चों को कीड़ों के साथ खून की कमी से भी छुटकारा मिलेगा। उनका शारीरिक और मानसिक विकास अच्छी तरह होगा। बड़े बच्चे ये गोली चबाकर खा सकते हैं, जबकि छोटे बच्चों को पानी के साथ दी जाएगी।

एलबेंडाजाल 400 एमजी गोली खिलाने के फायदे

-शरीर में खून की कमी दूर होती है। बच्चों का सही पोषण होता है। 

– बच्चों की शारीरिक वृद्धि अच्छी तरह होती है। उनका वजन बढ़ता है।

– अच्छा मानसिक और शारीरिक विकास होता है। बच्चे की सुस्ती दूर होती है।

– कई अन्य रोगों से लड़ने के लिए शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

– बच्चे की मेमोरी बढ़ती है और वह स्कूल में सक्रिय रहता है। 

जिले के 2200 स्कूलों और 1654 आंगनबाड़ी सेंटरों में चलेगी मुहिम

सिविल सर्जन डा. बलवंत सिंह ने बताया कि इस मुहिम का उद्देश्य बच्चों को पेट के कीड़ों से मुक्ति दिलाना है। बुधवार को 1 से 19 साल के बच्चों को एलबेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। मुहिम जिले के 1484 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के अलावा 773 निजी स्कूलों, 1654 आंगनबाड़ी केंद्रों और 59 कालेजों (सरकारी, एडिड और प्राईवेट, आईटीआइ) में चलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि बुधवार को वंचित रहे बच्चों को पहली सितंबर को दूसरे राउंड के तहत कवर किया जाएगा।

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