हिमाचल प्रदेश के ऊना में मंगलवार सुबह अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट के बाद आग लगने से 6 महिलाएं जिंदा जल गईं। टाहलीवाल औद्योगिक क्षेत्र के बाथड़ी में सुबह 10:30 बजे के आसपास हुए हादसे में करीब 20 मजदूर आग की चपेट में आए हैं। घायलों का क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में उपचार चल रहा है। वहीं कुछ गंभीर रूप से घायलों को PGI चंडीगढ़ रेफर किया गया है। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंच स्थिति को नियंत्रित किया।
हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के टाहलीवाल औद्योगिक क्षेत्र में कुछ समय पहले धर्म कांटा बनाने का काम चल रहा था। पिछले 7-8 महीने से यहां अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम चल रहा था। इस दौरान सुरक्षा मानकों का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा जा रहा था। मंगलवार सुबह हादसे के समय 25 से ज्यादा कर्मी फैक्टरी में काम कर रहे थे। अचानक धमाके के बाद आग लगने के बाद कुछ लोग तो बाहर निकलने में कामयाब रहे, पर 20 लोग आग की चपेट में आ गए। अचानक आग लगने से छह महिलाओं को संभलने का मौका भी नहीं मिल पाया और जिंदा जल गईं। वहीं कुछ लोग झुलस गए। इनमें से गंभीर रूप से घायलों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। वहीं बाकी का सामान्य अस्पताल में इलाज चल रहा है।
DC बोले- सरकार के आदेश हुए तो मजिस्ट्रेट से करवाएंगे जांच
DC ऊना के मुताबिक पुलिस जांच में जुट गई है। यदि सरकार ने आदेश देती है तो संवेदनशील मामले की मजिस्ट्रेट से जांच करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पटाखा फैक्ट्री किसकी अनुमति से चल रही थी, इसकी जानकारी उद्योग विभाग से भी मांगी गई है।
उद्योग विभाग झाड़ रहा पल्ला
पहले भी फैक्ट्री में एक बार आग लगने की घटना हो चुकी है। उस समय मामले को दबा दिया गया था। अब दोबारा ब्लास्ट होने के बाद उद्योग विभाग पल्ला झाड़ रहा है कि पटाखा फैक्टरी औद्योगिक क्षेत्र से बाहर किसी ग्रामीण की निजी भूिम पर चल रही है। वहीं, हादसे के बाद मृतकों के परिजन मौके पर उमड़ने शुरू हो गए हैं और घटनास्थल पर मातम का माहौल है। परिजन और मृतकों के आश्रित अपनों को तलाश रहे हैं।

काम करने वाली सभी महिलाएं
फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पा लिया है। यहां काम करने वाली सभी महिला श्रमिक बताई जा रही हैं। DC और SP ऊना सहित पूरा प्रशासनिक अमला पुलिस मौके पर मौजूद है। पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच में जुट गई है। पुलिस यह देख रही है कि आखिर किसकी अनुमति से यहां फैक्ट्री चल रही थी। मृतक मजदूरों के शव पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।
फैक्टरी अवैध, पहले भी लग चुकी है आग
पंचायत प्रधान सुरेखा राणा ने बताया यह फैक्टरी पूरी तरह से अवैध थी। पंचायत की NOC के बिना फैक्टरी का संचालन किया जा रहा था। यहां पानी का कनेक्शन भी नहीं लिया गया था। यह फैक्टरी स्वां के बिल्कुल छोर पर थी। आसपास के लोगों और पड़ोसियों को भी इसके बारे में जानकारी नहीं थी। हादसे के शिकार हुए सभी लोग अन्य राज्यों के निवासी हैं।
