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वन-टू-वन:‘तहसील में रोज 20 लाख, निगम में एनओसी लेने के लिए प्रति मरला 10 हजार रुपए चढ़ती है रिश्वत’

जनता के बीच विधायकों व सरकार की इमेज को लेकर पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने कांग्रेस नेताओं से बात की तो उन्होंने कहा- जनता रिश्वतखोरी से त्रस्त है। तहसील में बिना पैसा दिए रजिस्ट्री नहीं होती। निगम में अवैध इमारतों पर कार्रवाई के नाम पर ब्लैकमेलिंग का रैकेट चल रहा है। नगर निगम में प्लॉट की एनओसी लेने के लिए लोगों को प्रति मरला 10 हजार रुपए पड़ते हैं। गरीबों पर सरकार का फोकस है। गरीब आदमी 3 मरले का घर बनाता है, तो उसे 30 हजार रुपए रिश्वत देनी पड़ती है।

दरअसल, हरीश चौधरी कांग्रेस भवन में टकसाली वर्कर्स, पार्षदों व बड़े नेताओ की बैठक में पहुंचे थे। बैठक खत्म हुई तो टकसाली कांग्रेसियों को लंबे समय से कोई जिम्मेदारी न दिए जाने की बात उठी। मौके पर यूकां नेता परमजीत बल, जसविंदर सिंह व बाकी युवा वर्कर मौजूद थे। इनके बीच ही पंजाब खादी बोर्ड के डायरेक्टर मेजर सिंह भी थे।

उन्होंने कहा- हमारी अपनी ही सरकार में निगम अफसरों ने उनके रेस्तरां की इमारत सील कर दी थी। हरीश बगैर कोई जवाब दिए कांग्रेस भवन के अंदर चले गए, नेता भी शांत हो गए। इसके बाद वेस्ट हलके की लीडरशिप से वन-टू-वन के दौरान मेजर सिंह व साथियों ने खुलकर बात रखी। यह सेशन नेताओ के साथ खुली मीटिंग के बाद हुआ।

कांग्रेस भवन में रिश्वत का विरोध, छत पर बिजली चोरी
कांग्रेस भवन में मीटिंग के दौरान हलका वेस्ट से खादी बोर्ड चेयरमैन मेजर सिंह, कौंसलर तरसेम लखोत्रा, बचन लाल, राजीव टिक्का, बलबीर सिंह, हरजिंदर लाडा सहित करीब डेढ़ दर्जन नेता शामिल थे। कौंसलरों ने इस बात को लेकर संतुष्टि जाहिर की है कि निगम को शहर के विकास के लिए पूरे फंड मिले, जिस कारण अब हर काॅलोनी तक विकास योजनाएं पहुंची हैं। वेस्ट के माहौल को पार्टी के पक्ष में बताया। इसी दौरान मेजर सिंह ने जालंधर सिटी के लोगों की बड़ी समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि सिटी के तहसील ऑफिस में रजिस्ट्री कराने पर रोजाना लोगों से 15 से 20 लाख की रिश्वत ली जाती है।

उन्होंने किस्सा सुनाया कि एक आदमी से 15000 रुपए रिश्वत मांगी गई थी, आप विधायकों से पूछ लीजिए, रोजाना लोग यही मामले लेकर आते हैं कि बगैर रिश्वत के रजिस्ट्री करवाने में मदद करें। ये सरकार की इमेज खराब कर रहा है। दूसरी समस्या नगर निगम में रिश्वत की है। प्लाॅट की रजिस्ट्री कराने से पहले निगम की एनओसी जरूरी है।

प्रति मरला 10 हजार रिश्वत लेकर एनओसी मिलती है। एक-एक अफसर को 3-3 विभागों के हेड क्यों सरकार ने बना रखा है? अफसरों को खुद ताकतवर बनाया है, ये सिलसिला बंद करना होगा। उन्होंने इमारतों पर कार्रवाई के नाम पर ब्लैकमेलिंग की दिक्कत भी पंजाब प्रभारी को बताई है। दूसरी तरफ प्रदेश प्रभारी के आने के लिए लाइट जलाने के लिए कुंडी डालकर काम चलाया गया।

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