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मुलाकात:जालंधर के पांचो विधायकों ने सीएम के सामने उठाया रजिस्ट्रियों पर बैन हटाने और एनओसी का मुद्दा

कांग्रेस के पंजाब प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने न खुद इस्तीफा वापस लिया और न ही हाईकमान से कोई वापस देने आया। मामला होल्ड पर है। सिद्धू लगातार सीएम चन्नी को निशाने पर ले रहे हैं। ऐसे में सीएम चन्नी अब सभी विधायकों से निजी तौर पर मिल रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को जालंधर, होशियारपुर, शहीद भगत सिंह नगर और कपूरथला के विधायकों के साथ बैठक की। बैठक में जालंधर से वेस्ट के विधायक सुशील रिंकू, सेंट्रल से राजिंदर बेरी, करतारपुर से सुरिंदर चौधरी, नाॅर्थ से बावा हैनरी, शाहकोट से लाडी शेरोवालिया भी शामिल हुए।

जबकि होशियारपुर से सुंदर शाम अरोड़ा, डाॅ. राजकुमार चब्बेवाल सहित तमाम विधायक शामिल रहे। खेल मंत्री परगट सिंह भी दोआबा से हैं लेकिन वह मीटिंग में नहीं थे। इस दौरान विधायकों ने बिना एनओसी के रजिस्ट्रियां करने पर लगी रोक, प्लाटों की समयबद्ध एनअोसी जारी करने और शहरी विकास प्रोजेक्टों का मुद्दा उठाया है। जालंधर के विधायकों ने सीएम को बताया कि अकाली-भाजपा के समय ही पिम्स की देखरेख का काम एक एनआरआई संगठन को दिया गया था। दोआबा के इस प्रमुख मेडिकल काॅलेज की वर्किंग और कांट्रेक्ट का रिव्यू होना चाहिए। आखिर सरकार इसे क्यों नहीं चला सकती? वहीं, विधायक राजिंदर बेरी ने कहा कि अब प्लाटों की एनओसी न होने पर रजिस्ट्री पर रोक से जनता परेशान है। इसका कानूनी पहलू परखने के बाद मामला हल होना चाहिए। विधायक सुशील रिंकू ने विकास योजनाओं का स्टेट्स बताया। साथ ही सीएम से कहा कि जालंधर सिटी के बूटा मंडी में डाॅ. भीम राव अंबेडकर को-एड काॅलेज बनकर तैयार हुआ है।

इसके उद्घाटन के लिए जालंधर आएं। उन्होंने सतगुरु कबीर महाराज भवन योजना के बारे में भी बताया है। सीएम ने विधायकों से कहा कि 3 महीने में सरकारी विभागों में लोगों की समस्याओं की सुनवाई पर मुख्य फोकस होना चाहिए। विधायक खुद विभागों में बात करें। शिकायतों की सुनवाई के लिए कैंप लगेंगे।

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