
जालंधर -: महानगर में सुरक्षा व्यवस्था के मध्यनजर जिला पुलिस प्रशाशन द्वारा बैरीकेडस लगाए जाते है व बैरिकेड्स पर विज्ञापन लगने का कारण खुद प्रशासन है जो विभिन्न कंपनियों से मुफ्त में बैरिकेड्स बनबाता है व खर्चा करने वाले अपना विज्ञापन लगा कर वसूली करते है। विभिन्न कंपनियां मुफ्त में बैरिकेडस बना कर अपना नाम चमकाती है व पुलिस प्रशासन में बैरिकेडस के रूप में वंगार भर कर भी अपना दबदबा कायम कर लेती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बैरिकेडस पुलिस प्रशासन खुद अपने खजाने से क्यू नहीं बनबाता जबकि जगह जगह वाहनो के चालान काट कर लाखों की राशि खजाने में जमा की जाती है।
जालंधर पुलिस नाकों पर इस्तेमाल होने वाले बैरिकेड्स पर लगे कंपनियों के विज्ञापन पर नगर निगम ने सख्त एक्शन लिया है। शुक्रवार को नगर निगम की एडवरटाइजमेंट ब्रांच के सुपरिंटेंडेंट मनदीप सिंह के नेतृत्व में टीम ने माडल टाउन, स्काईलार्क चौक और फुटबाल चौक इलाके में इस्तेमाल हो रहे बैरिकेड्स पर लगे विज्ञापनों पर काला रंग पोत दिया। इस कार्रवाई को लेकर माडल मार्केट में सुपरिंटेंडेंट मनदीप सिंह और इलाका पार्षद अरुणा अरोड़ा में कहासुनी हो गई।
पार्षद अरुणा अरोड़ा का एतराज है कि नगर निगम की एडवरटाइजमेंट ब्रांच ने कार्रवाई करने से पहले उन्हें भरोसे में नहीं लिया। जो कंपनियां शहर के विकास और सुंदरीकरण में योगदान दे रही हैं, उन कंपनियों के बोर्ड भी मिटा दिए गए हैं। इसके बावजूद नगर निगम ने अपनी कार्रवाई नहीं रोकी। अरुणा अरोड़ा ने निगम कमिश्नर करनेश शर्मा से बात की तो उन्होंने कार्रवाई की जानकारी होने से इन्कार कर दिया। बैरिकेड्स पर एडवरटाइजमेंट का मुद्दा नगर निगम में कई साल से चर्चा में है। मामला पुलिस से जुड़ा है, इसलिए कार्रवाई से पहले सभी तथ्यों को जांचा गया। मनदीप सिह ने कहा कि जो एड एजेंसियां बैरिकेड्स पर विज्ञापन लगा रही हैं उन्हें नोटिस भेजा जाएगा और जुर्माना भी वसूला जाएगा।
कमिश्नरेट पुलिस के स्पष्टीकरण के बाद हुई कारवाई
सुपरिंटेंडेंट मनदीप सिंह का कहना है कि बैरिकेड्स पर विज्ञापन के मुद्दे पर साल 2018 से ही पुलिस कमिश्नरेट आफिस से संवाद चल रहा है। इसके लिए चार पत्र लिखे गए हैं। आखिर में पुलिस कमिश्नर आफिस से यह जवाब आया है कि बैरिकेड्स पर विज्ञापन लगाने के लिए उनकी तरफ से कोई मंजूरी नहीं दी गई है। इसके बाद ही यह कार्रवाई की गई है। विज्ञापन नीति के तहत बैरिकेड्स पर विज्ञापनबाजी प्रतिबंधित
मनदीप सिंह का यह भी कहना है कि विज्ञापन पालिसी के मुताबिक बैरिकेड्स पर विज्ञापन लगाने पर पूरी तरह से रोक है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि इससे दुर्घटना होने का खतरा रहता है। उन्होंने कहा कि शिवानी पार्क या अन्य पार्को में जो कंपनियां सुंदरीकरण और मेंटीनेंस का काम कर रही हैं, उनके पार्क में लगे किसी भी बोर्ड को नहीं छेड़ा गया है।