
शहर में अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म ‘स्पेशल-26’ की तर्ज पर लूट करने वाला गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा है। पुलिस ने गिरोह के 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन्होंने इनकम टैक्स का अधिकारी बन एक ज्वेलरी शॉप पर छापा मारा और 20 लाख कैश और 30 ग्राम की गोल्ड ज्वेलरी अपने साथ ले गए। हालांकि, इनके जाने के बाद दुकान के मालिक को ‘फेक रेड’ की जानकारी मिली और मामला पुलिस स्टेशन पहुंचा। 48 घंटे में सभी आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है।
घटना शहर के भारती विद्यापीठ इलाके में हुई है। पुलिस स्टेशन से मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता नंदकिशोर वर्मा सोने और चांदी के आभूषण बनाने का काम करते हैं। वे पुणे के लगभग सभी ज्वेलरी शॉप में अपने माल की सप्लाई करते हैं। वे जल्द ही पुणे में एक बड़ा शोरूम खोलने की तैयारी कर रहे थे, यह जानकारी आरोपी में से किसी एक को लगी और उसने फिल्मी स्टाइल में लूट की प्लानिंग की।
गेट बंद कर सभी के फोन जब्त कर लिए
गुरुवार (26 अगस्त) को तकरीबन एक दर्जन लोगों ने वर्मा की फैक्ट्री पर छापा मारा था। अंदर से गेट बंद कर सभी के फोन ले लिए गए और झूठी छापेमारी कर सिर्फ गोल्ड की ज्वैलरी और फैक्ट्री में रखा कैश जब्त किया गया। हालांकि, शुरू में किसी को संदेह नहीं हुआ, लेकिन बाद में सिर्फ गोल्ड ज्वेलरी ले जाने की जानकारी मिलने के बाद फैक्ट्री के मालिक को संदेह हुआ। उन्होंने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से इसकी पुष्टि की तो पता चला कि उनकी ओर से ऐसी कोई रेड ही नहीं हुई है, इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
DCP सागर अप्टिल ने बताया कि रेड करने वाले आरोपी ज्वेलरी और कैश के साथ नन्द किशोर को भी अपने साथ ले गए और कुछ दूर ले जाने के बाद उन्हें गाड़ी से उतार कर IT ऑफिस आने को कहा। इसके बाद पाटिल वहां पहुंचे तो मामले की सच्चाई सामने आई। जांच के दौरान नंदकिशोर ने बताया कि उन्होंने अपने एक करीबी दोस्त व्यास यादव को नए शोरूम खोलने की बात बताई थी। इसके बाद पुलिस ने व्यास को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की तो मामले का खुलासा हुआ।
कई महीनों तक की गई लूट की प्लानिंग
इस पूरी लूट का मास्टरमाइंड व्यास यादव ही था। उसने पुलिस को बताया कि उसे ऐसा लगता था कि नन्द किशोर के पास बहुत पैसे हैं। यादव के मुताबिक, वह इस लूट की प्लानिंग कई महीने से कर रहा था। इसमें शामिल कई लोग उसके फ्रेंड हैं और कुछ शातिर चोर। DCP सागर अप्टिल का कहना है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इन्होंने और भी कहीं इस तरह से लूट को अंजाम दिया है या नहीं?



