
गुरदासपुर के गांव चौड़ सिधवां में एक परिवार पिछले डेढ़ साल से रोजोना उनके घर में एक दम से आग लग जाती थी, कभी आंगन में छींटे पड़े होते थे या फिर किसी भी पारिवारिक सदस्य के बाल कटे होते थे। पीड़ित परिवार ने साधू, बाबाओं को घर में बुलाकर हल करवाया लेकिन कुछ नहीं हुआ। पीड़ित परिवार का डेढ़ साल में 6 लाख रुपये का नुकसान करवा चुके हैं।
पीड़ित परिवार ने किसी के कहने पर तर्कशील सोसाइटी से संपर्क किया जिसके बाद घर में हो रही घटनाएं बंद हो गईं। हालांकि इन सबके पीछे परिवार का ही एक सदस्य शामिल था। पीड़ित महिला सुखविन्दर ने बताया कि उनके घर में कभी सोफा सेट, बेड, फ्रिज, कूलर और पेटी में पड़े कपड़ों को आग लगा जाती थी, साथ ही पानी के छींटें पड़े होते थे।
बाबाओं के चक्कर में गंवाए लाखों, तर्कशील सोसाइटी ने ढाई घंटे में हल किया मामला
सुखविन्दर कौर ने बताया कि बहू के मायके गांव में भी किसी महिला के घर ऐसा ही होता था। उस महिला ने हमें तर्कशील सोसाइटी से संपर्क करने के लिए कहा उनसे संपर्क करने पर हमें गुरदासपुर सोसाइटी से मिलवाया गया। जिन्होंने पूरे घर का मुआयना किया। सोसायटी के प्रमुख तरलोचन सिंह ने साथियो सहित जब मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि परिवार का सदस्य घटनाओं को अंजाम दे रहा था।
सोसायटी ने उसे समझा मामले को सुलझा लिया और घर में रहस्यमई घटनाएं बंद हो गईं। अब 2 महीने से ऐसी कोई घटना नहीं घटी। तर्कशील के सदस्यों ने बताया कि भूत प्रेत, काला जादू आदि सब अंधविश्वास है। वैज्ञानिक सोच अपनाना समय की जरूरत है।
बात की तो पता चला कि घर का ही व्यक्ति लगाता था आग
तिरलोचन सिंह ने बताया कि हमारी सोसाइटी ने परिवार से बात की। जिससेे ढाई घंटे में ही मामले को हल कर लिया। आरोपी का कहना था कि उसे अनदेखा किया जा रहा है जिसके वो मानसिक तौर पर परेशान रहने लगा और ऐसी हरकतें कर बैठा। अब उसने माना कि अब वो आगे से ऐसा कुछ नहीं करेगा।



