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पंजाब से राज्यसभा चुनाव में AAP का क्लीन स्वीप:सबसे कम उम्र के सांसद बने राघव चड्‌ढा, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह भी निर्विरोध निर्वाचित

आम आदमी पार्टी के 33 वर्षीय नेता राघव चड्‌ढा सबसे कम उम्र के राज्यसभा सांसद बन गए हैं।

गुरूवार को चुनाव आयोग ने उनके निर्विरोध चुने जाने की घोषणा कर दी। चड्‌ढा के अलावा क्रिकेटर हरभजन सिंह, दिल्ली IIT के प्रोफेसर डॉ. संदीप पाठक, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) फगवाड़ा के वाइस चांसलर अशोक मित्तल और लुधियाना के कारोबारी संजीव अरोड़ा भी सांसद बन गए हैं।

उनके विरोध में किसी भी उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया। जिसके बाद चुनाव आयोग ने आज ही उन्हें विजेता घोषित कर दिया। दूसरा उम्मीदवार होता तो 31 मार्च को चुनाव होने थे।

न कोई विरोध में आया, न किसी ने नाम वापस लिया
राज्यसभा चुनाव के रिटर्निग अफसर विधानसभा के सचिव सुरिंदरपाल ने बताया कि ऑब्जर्वर डॉ. एस करुणा राजू की निगरानी में चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई। 24 मार्च को शाम 3 बजे तक नाम वापसी का अंतिम दिन था। अब न कोई विरोध में आया और न ही किसी ने नामांकन वापस लिया तो उन्हें विजेता घोषित कर दिया गया।

Rajya Sabha MP: राज्यसभा सांसदों को मिलती है इतनी सैलरी और ये सुविधाएं, जानें इनके अधिकार

अगर हम देश में सबसे कम वेतन पाने वालों के बारे में सोचते हैं, तो हमारे दिमाग में जो सबसे पहला चित्र उभरता है, तो वह किसी सफाई कर्मी या फिर अकुशल मजदूर का होता है। हम सोचते हैं कि इन्हें सबसे कम सैलरी मिलती है। हालांकि, आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि भारत सरकार द्वारा सबसे कम सैलरी राज्यसभा सांसदों को दी जाती हैं। इनको प्रतिमाह वेतन के रूप में मात्र 16,000 रुपये मिलते हैं। वहीं, भारत सरकार अपने अकुशल मजदूर व सफाई कर्मियों को प्रतिमाह 19,350 रुपये सैलरी दे रही है। जबकि कुशलतम मजदूरों को प्रतिमाह 25,590 रुपये सैलरी दी जाती है। इतनी कम सैलरी मिलने के बाद भी राज्‍यसभा में जाने के लिए पार्टियों के बीच घमासान मचा रहता है। बड़े-बड़े नेता राज्यसभा पहुंचने के लिए जोड़ तोड़ में लगे रहते हैं।

क्‍या आप जानते हैं, कि इस जोड़तोड़ के पीछे सैलरी नहीं बल्कि राज्‍यसभा सदस्‍य को मिलने वाली सुविधा और अधिकार है। आइये जानते हैं कि राज्यसभा सदस्यों को सैलरी के अलावा क्‍या सुविधाएं और अधिकार मिलते हैं।
राज्यसभा सांसदों की सैलरी 16,000 रुपये प्रतिमाह है। यह भले ही बहुत कम है, लेकिन इसके साथ मिलने वाली सुविधाएं व भत्‍ते बहुत ज्यादा हैं। यह सैलरी उन्हें वेतन और भत्‍ता मेंबर ऑफ पार्लियामेंट एक्ट 1954 सैलरी, अलाउंस और पेंशन के तहत दिया जाता है।
दैनिक भत्‍ता (Rajya Sabha MP Daily Allowances)

राज्यसभा सांसदों को दैनिक भत्ता दिया जाता है। यह उन्हें सदन चलने के अनुसार दिया जाता है। वर्ष में जितने दिन सदन चलता है, उन्हें उतने दिन का दैनिक भत्ता 1,000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिया जाता है। इसके अलावा इन्‍हें 20 हजार रुपये प्रतिमाह संवैधानिक भत्ता भी मिलता है।
कार्यालय व्यय भत्ता

साथ ही कार्यालय व्‍यय भत्‍ते के नाम पर एक राज्य सभा सदस्य को 20 हजार रुपये प्रतिमाह मिलता है। इसमें से वह 4000 रुपए स्टेशनरी और पोस्ट आइटम्स पर खर्च कर सकता है। वहीं अपने सहायक रखने पर एक सांसद 14 हजार रुपए खर्च कर सकता है।
यात्रा भत्ता

एक राज्यसभा सांसद को सड़क से यात्रा करने पर 34 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भत्ता मिलता है। वहीं ट्रेन से सफर करने के लिए प्रतिमाह एक फ्री नॉन-ट्रांसफरेबल फर्स्‍ट क्‍लास एसी और एक सेकंड क्लास एसी का किराया भी मिलता है। वहीं हवाई यात्रा के लिए उन्हें अपने टिकट राशि का महज 25 फीसदी ही भुगतान करना होता है। इन्‍हें, हवाई यात्रा के दौरान कई सुविधाएं भी मिलती हैं। हर साल ये अपने एक किसी भी रिश्‍तेदार के साथ 34 हवाई यात्रा बिल्‍कुल फ्री कर सकते हैं। साथ ही इनका कोई भी रिश्‍तेदार अकेले साल में आठ बार मुफ्त हवाई सफर कर सकता है।

टेलीफोन की सुविधाएं
राज्यसभा सांसद को 2 फोन रखने का अधिकार है। इनमें से एक फोन घर पर और दूसरा इनके दिल्‍ली ऑफिस में रखना होता है। इन फोन्स का खर्च सरकार वहन करती है। इन फोन्स से वे प्रतिवर्ष 50,000 लोकल कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा हर सदस्य को इंटरनेट कनेक्शन की सुविधा फ्री में मिलता है।

आवास व अन्‍य सुविधाएं

राज्यसभा सांसदों को रहने के लिए सरकारी आवास भी मिलता है। इस जगह का किराया भी सरकार की ओर से मिलने वाले भत्‍ते के अंतर्गत आता है। साथ ही इन्‍हें प्रतिवर्ष 4000 किलोलीटर पानी और 50,000 यूनिट बिजली सप्‍लाई फ्री दी जाती है। ये सुविधा वे अपने सरकारी निवास या निजी भवन में ले सकते हैं। वहीं घर में फर्नीचर से लेकर पर्दे तक का खर्च सरकार वहन करती है। स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं के नाम पर वह सभी सुविधाएं मिलती हैं, जो सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्‍थ स्‍कीम के तहत सेंट्रल सिविल सर्विसेज के क्‍लास-1 ऑफिसर्स को मिलती है।
राज्यसभा सांसदों का अधिकार (Rajya Sabha MP Rights)

लोकसभा सांसदों की तरह राज्यसभा सांसदों को सभी अधिकार मिले हैं। इनमें विधायी शक्तियां, संविधान संशोधन की शक्ति, वित्तीय शक्ति, कार्यपालिका सम्बन्धी शक्ति, विविध शक्तियां शामिल हैं। इसके अलावा राज्यसभा सांसदों को दो ऐसे विशेष अधिकार प्राप्त हैं, जो लोकसभा सांसदों को प्राप्त नहीं हैं। इस प्रकार की शक्तियों का सम्बन्ध देश के संघीय ढांचे से है और राज्यसभा को राज्यों का एकमात्र प्रतिनिधि होने के कारण इस प्रकार की शक्तियां प्राप्त हैं।
1. संविधान के अनुच्छेद 249 के अनुसार, राज्यसभा उपस्थित और मतदान में भाग लेने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से राज्य सूची के किसी विषय को राष्ट्रीय महत्व का विषय घोषित कर सकती है। राज्यसभा द्वारा ऐसा प्रस्ताव पास कर दिये जाने पर संसद उस विषय पर कानून का निर्माण कर सकती है।

2. संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, राज्यसभा ही अपने दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित कर नयी अखिल भारतीय सेवाएं स्थापित करने का अधिकार केन्द्रीय सरकार को दे सकती है। राज्यसभा जब तक इस प्रकार का प्रस्ताव पारित न कर दे, तब तक संसद या भारत सरकार किन्हीं नवीन अखिल भारतीय सेवाओं की व्यवस्था नहीं कर सकती है।

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