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पंजाब कैबिनेट विस्तार पर फंसा पेंच:राहुल गांधी से मिलने CM चन्नी और सिद्धू दिल्ली पहुंचे; कैप्टन के बागी तेवरों से चिंतित हाईकमान ने मंत्रियों की तैयार लिस्ट रोकी

पंजाब कैबिनेट के विस्तार में पेंच फंस गया है। जिसे देखते हुए राहुल गांधी ने CM चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश प्रधान नवजोत सिद्धू को दिल्ली बुला लिया। दोनों नेता दिल्ली पहुंच गए हैं। जहां उनकी राहुल गांधी से बैठक हो रही है। बताया जा रहा है कि बीती रात चन्नी के साथ बैठक के बाद लिस्ट तैयार हो गई थी। इसके बाद राहुल गांधी ने पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ के साथ बैठक की। जिसके बाद इस लिस्ट को जारी करने से रोक दिया गया है। अब अंतिम बार मंजूरी के लिए सिद्धू व चन्नी को दिल्ली बुलाया गया है। चन्नी शुक्रवार रात 2 बजे तक बैठक करने के बाद सुबह पंजाब लौटे थे।

वहीं, अभी तक चर्चा के मुताबिक कैप्टन के करीबी रहे 6 मंत्रियों की छुट्‌टी होनी तय मानी जा रही थी। हालांकि अब इसमें फिर कोई पेंच फंस गया है। हर वर्ग व ग्रुप को खुश करने के लिए नए सिरे से मंत्रियों की सूची में कांट-छांट की जा रही है। अभी तक नई कैबिनेट में करीब 7 नए मंत्री शामिल करने की तैयारी थी लेकिन अब पुराने मंत्रियों को नजरअंदाज करने पर फिर से माथापच्ची हो रही है।

इन मंत्रियों की होगी छुट्‌टी

कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ मंत्री रहे बलवीर सिद्धू, पोस्ट मैट्रिक घोटाले से घिरे साधु सिंह धर्मसोत, दामाद को नौकरी देकर चर्चा में आए गुरप्रीत कांगड़, शाम सुंदर अरोड़ा, अरुणा चौधरी और राणा गुरमीत सोढ़ी को दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जाएगा। बगावत के बाद राणा सोढ़ी ने ही अपने घर में डिनर रख कैप्टन का शक्ति प्रदर्शन किया था।

यह मंत्री फिर होंगे शामिल

कैप्टन सरकार में मंत्री रहे ब्रह्म मोहिंदरा को फिर शामिल किया जा सकता है। सिद्धू ग्रुप ने डिप्टी सीएम से उनका पत्ता कटवा दिया था, लेकिन हाईकमान की मदद से वह मंत्री पद वापस पा सकते हैं। उनके अलावा मनप्रीत बादल, भारत भूषण आशु, रजिया सुल्ताना, तृप्त राजिंदर बाजवा, सुखविंदर सिंह सुख सरकारिया, विजयेंद्र सिंगला की वापसी हो सकती है।

नए मंत्रियों में यह नाम

नए बनाए जाने वाले मंत्रियों में गिद्दड़बाहा से विधायक अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, राजकुमार वेरका, संगत सिंह गिलजियां, गुरकीरत कोटली, सुरजीत धीमान शामिल हैं। इसके अलावा परगट सिंह का नाम भी चर्चा में है लेकिन फिलहाल वह संगठन महासचिव भी हैं। वहीं, गिलजियां और धीमान को OBC वर्ग को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के लिए मंत्री बनाया जा सकता है।

हाईकमान से मिलकर लौटे CM चन्नी

मंत्रियों का नाम फाइनल करने के लिए गुरुवार रात को CM चरणजीत सिंह चन्नी दिल्ली पहुंचे। इसके बाद उनका राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ 4 घंटे तक मंथन चला। रात 2 बजे तक यह बैठक राहुल गांधी के घर पर चली। जिसमें पंजाब कांग्रेस इंचार्ज हरीश रावत व केसी वेणुगोपाल भी शामिल रहे। खास बात यह है कि इस बार नवजोत सिद्धू को बैठक में शामिल नहीं किया गया। कांग्रेस हाईकमान ने CM चन्नी को अकेले ही दिल्ली आने के लिए कहा था।

कैप्टन के बागी तेवरों ने बढ़ाई चिंता
सूत्रों के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर सिंह के बागी तेवरों ने कांग्रेस की टेंशन बढ़ा रखी है। कांग्रेस हाईकमान को आशंका है कि अगर उनके करीबियों के पत्ते काटे गए तो फिर वह कैप्टन के साथ जा सकते हैं। ऐसे में सरकार के खिलाफ बगावत मजबूत होगी। वहीं कैप्टन इसके बाद कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। इसीलिए उनके ग्रुप के भी कुछ लोगों को सरकार में रखने की तैयारी है।

कैप्टन खेमे के सभी मंत्रियों को हटाने पर चिंतित हाईकमान
पंजाब में सत्ता मिलने के बाद कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू और CM चरणजीत सिंह चन्नी कैप्टन के करीबियों को निपटाने में लगे हैं। मंत्री पद को लेकर भी उनकी यही मंशा थी। इसके बाद माना जा रहा था कि राणा सोढ़ी, बलवीर सिद्धू, शाम सुंदर अरोड़ा और ब्रह्म मोहिंदरा को मंत्री पद नहीं मिलेगा। हालांकि इसको लेकर अब कांग्रेस हाईकमान ने रुख बदला है। उनका मानना है कि अगर सभी को हटा दिया तो वे कैप्टन के साथ खुलकर शामिल हो जाएंगे। ऐसे में नई सरकार को कामकाज में परेशानी हो सकती है। इसलिए पुराने मंत्रियों को भी शामिल करने को लेकर मंथन हो चुका है।

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