
पंचकूला -: मार्किट कमेटी पंचकूला की सेब मंडी स्थित सेक्टर 20 पंचकूला में रोजाना हो रहे घोटालो व राजस्व की चोरी से प्रदेश सरकार व हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड को करोड़ों का नुकसान हो रहा है व पंजाब भर की फल सब्जी मंडीयो में भी जमकर फीस चोरी के मामले चर्चा में होने के वावजूद अफसरशाही कुंभकर्णी निद्रा में खोई है।

आलम यह है कि गुप्तचर विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक व मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक द्वारा जांच कमेटियां बनाकर रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई और घोटाला प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। पंचकूला सेब मंडी घोटालों व गबन का अड्डा बन गया है।

हरियाणा सरकार में चेयरमेन रह चुके व शिवालिक विकास मंच के प्रधान विजय बंसल एडवोकेट ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए बताया है कि विभागीय जांच में भी सेब मंडी में प्रतिदिन 8 लाख के मार्किट फीस व एचआरडीएफ के राजस्व की चोरी हो रही है, जिसे पूरे सीजन के अनुमान में लाया जाए तो यह आंकड़ा 8 करोड़ की चोरी को पार करता है।
दरअसल,सेब मंडी में आने वाली सेब की फसल की कुल कीमत पर 2 प्रतिशत फीस मार्किट फीस व एचआरडीएफ राजस्व के रूप में कटती है।इस मामले को लेकर विजय बंसल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र भेजकर दोषियों के खिलाफ तुरन्त कार्यवाही कर राजस्व की चोरी के भरपाई करने के लिए मांग की है। इसके साथ ही उन्हें सारे मामले के बारे पत्र के माध्यम से अवगत करवाया है और जनहित में तुरन्त एक्शन के लिए आग्रह किया है।
कैसे हो रही है पंचकूला सेब मंडी में करोड़ो की चोरी
विजय बंसल ने कहा कि जब तो दोषी अधिकारियों की मौजूदगी में सेब मंडी के बॉक्स रिकार्ड हुए तो 6 दिनों में सिर्फ 13 लाख 57 हजार 90 रुपए की राजस्व फीस आई और जब जांच कमेटी की मौजूदगी में रिकार्ड हुई तो मात्र 2 दिन में ही 18 लाख 34 हजार 290 रुपए की मार्किट व एचआरडीएफ फीस राजस्व के रूप में एकत्रित हुए। इस सीजन में 31 जुलाई को 9889, 7 अगस्त को 18455, 11 अगस्त को 27216, 12 अगस्त को 23994 व 13 अगस्त को 20318 सेब के बॉक्स सेब मंडी में आए जिसकी कुल मार्किट फीस व एचआरडीएफ फंड का राजस्व 13 लाख 57 हजार 90 बना परन्तु जब बोर्ड के मुख्य प्रशासक द्वारा 11 सदस्यीय मार्किट बोर्ड के अफसरों की कमेटी का गठन मुख्य मार्केटिंग एनफोर्समेंट ऑफिसर की सुपरविजन में किया गया व 13 अगस्त देर रात को इंस्पेक्शन के लिए गई तो भारी मार्किट फीस की चोरी पाई गई। प्रमुख रूप से जब इंस्पेक्शन कमेटी पंचकूला सेब मंडी में उपस्थित रही तो 14 अगस्त को ही 96160 सेब बक्से मंडी में एंट्री गेट पर रिकॉर्ड किए जबकि 15 अगस्त को 63393 बॉक्स रिकार्ड किए और दोनों दिन में प्रदेश सरकार को जांच कमेटी की मौजूदगी में 18 लाख 34 हजार 290 का राजस्व मार्किट फीस व एचआरडीएफ के रूप में प्राप्त हुआ।
विजय बंसल ने बताया कि 2020 के सीजन में पंचकूला सेब मंडी में कुल 8 लाख सेब बक्से 3 महीने में रिकार्ड हुए जबकि अब जब जांच कमेटी स्वयं मौके पर मौजूद रही तो मात्र 4 दिनों में ही लगभग 3 लाख से ज्यादा सेब बक्से रिकार्ड कर लिए गए जबकि यह सीजन नवम्बर 2021 तक चलेगा। ऐसे में यह अनुमान लगाया जा सकता है कि किस स्तर पर राजस्व की चोरी स्थानीय कमेटी के अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
गुप्तचर विभाग के एडीजीपी ने भी जांच रिपोर्ट में पाई थी करोड़ो की चोरी
विजय बंसल ने जानकारी देते हुए बताया कि गुप्तचर विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक द्वारा भी 29 सितम्बर 2020 को सेक्टर 20 पंचकूला में सेब मंडी में हो रही अनियमताओ के बारे हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक को पत्र लिखकर सूचित किया गया और बताया कि तत्कालीन सीजन में ही ढाई करोड़ से भी अधिक के राजस्व की चोरी विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हो रही है जिसका कुल अनुमान लगाया जाए तो 35 प्रतिशत तक की मार्किट फीस व एचआरडीएफ के राजस्व का नुकसान प्रदेश सरकार को हो रहा है। प्रतिदिन ही 2 लाख 70 हजार से ज्यादा के राजस्व का नुकसान हुआ। उन्होंने यह भी कहा था कि स्थानीय अधिकारियों के भ्रष्टाचार की नीयत के चलते मंडी में आने वाली सेब की फसल को एंट्री रिकार्ड में ही नही लिया जाता।
सीआईडी व विभागीय जांच रिपोट्र्स के आने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं
विजय बंसल ने कहा कि यह बड़ी हैरानी का विषय है कि गुप्तचर विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक व कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक द्वारा गठित कमेटियों की जांच रिपोर्ट को भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा निरन्तर दरकिनार किया जा रहा है। ऐसे में यह कहना गलत नही होगा कि इस करोड़ो के घोटाले में अनेको अफसरो की मिलीभगत है। अधिकारियों के भ्रष्टाचार रवैये के कारण प्रदेश सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है जबकि आमजनमानस के जेब पर भी लूट हो रही है।
विजय बंसल ने यह भी कहा है कि बोर्ड के मुख्य प्रशासक द्वारा भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कोई ठोस कार्यवाही नही की जा रही जिससे प्रतिदिन अनेक करोड़ों के घोटाले सामने आ रहे हैं। इससे पूर्व में भी विजय बंसल ने मार्केटिंग बोर्ड की बेलेंस शीट को आरटीआई के माध्यम से उजागर करके कंगालेपन के बारे बताया था और इसका कारण भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत ही है जोकि दीमक की तरह सिस्टम को खत्म करने का काम कर रहा है।



