जालंधरपंजाबराजनीति

Arvind Kejriwal Punjab Visit: पंजाब में केजरीवाल का मास्टर स्ट्रोक, उद्योगपतियों और व्यापारियों को पार्टनरशिप का न्योता

जालंधर में केजरीवाल ने उद्योगपतियों और व्यापारियों के साथ बैठक करके उनके मुद्दे सुने और उन्हें अपना 10 सूत्री फार्मूला बताया। अन्य दलों के उलट उन्होंने उद्यमियों को पार्टनरशिप का आफर दिया। हमें जिताएं हम आपको सभी सुविधाएं देंगे।

जालंधर। पंजाब में सत्ता में आने का सपना देख रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने उद्योगपतियों व्यापारियों को सरकार में भागीदारी निभाने के लिए उनके मन में बीज बोना शुरू कर दिया है। केजरीवाल के इस अभियान में भगवंत मान एक बार फिर से आम आदमी पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभर रहे हैं। करीब 10 साल पहले पंजाब की सियासत में कदम रखने वाली आम आदमी पार्टी फिलहाल तमाम कोशिशों के बाद भी प्रदेश में वह स्थान नहीं बना पाई है, जो उसे हासिल होना चाहिए था। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में एक दौर ऐसा भी था, जब पूरे सूबे में आम आदमी पार्टी की सरकार आने को लेकर पार्टी से लेकर लोगों तक में अटकलें लगाई जा रही थी। मगर ऐसा हो नहीं सका। चुनाव के परिणाम आने के बाद सत्ता कांग्रेस के हाथ में चली गई।

वर्ष 2007 से लेकर 2017 तक पंजाब में 10 साल तक राज करने वाली शिरोमणि अकाली दल व भारतीय जनता पार्टी की सरकार के हाशिये पर जाने के बाद पूरे पंजाब में यह माहौल बन गया था कि इस बार आम आदमी पार्टी की सरकार आकर रहेगी। पार्टी की कुछ गलत नीतियों के चलते चुनाव से ऐन पहले लोगों ने आप को सत्ता से दूर कर दिया। 90 विधायकों के जीतने का सपना देखने वाले केजरीवाल के खाते में 20 सीटें ही आ सकी। विपक्ष में बैठने पर भी 5 साल आम आदमी पार्टी के पास अपनी नीतियों के प्रचार व प्रसार के लिए पर्याप्त समय था। पंजाब में खुद मुख्तियारी जैसे मुद्दों को लेकर आप के नेताओं की सियासत व अंदरूनी कलह के कारण पार्टी पिछले साढ़े चार साल में विपक्ष की भूमिका भी ठीक से नहीं निभा सकी।

यही वजह है कि 2022 में होने जा विधानसभा चुनाव को लेकर अरविंद केजरीवाल अभी से गंभीर हो गए हैं। उन्होंने खुद कमान संभाल ली है। पार्टी ने इस बार उद्योगपतियों व व्यापारियों को सरकार में भागीदारी पार्टनरशिप देने का वायदा दिया है। पंजाब में तमाम मुद्दों के बीच बेरोजगारी और नशा एक बड़ा मुद्दा है। बेरोजगारी के मुद्दे को खत्म करने के लिए केजरीवाल ने उद्योगपतियों व व्यापारियों से ज्यादा से ज्यादा रोजगार देने की अपील करनी शुरू कर दी है। इसके बदले में उद्योगपतियों और व्यापारियों को ज्यादा से ज्यादा सहूलियतें और उनकी सभी मांगे मान कर उनके मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का वायदा भी किया है। 

लोगों को मुफ्त बिजली के वादे से डरे उद्योगपति

पिछले दिनों पंजाब की आर्थिक राजधानी लुधियाना में और उसके बाद बुधवार को जालंधर में केजरीवाल ने उद्योगपतियों और व्यापारियों के साथ बैठक करके उनके मुद्दे सुने और उन्हें अपना 10 सूत्री फार्मूला बताया। उद्योग पतियों का सबसे बड़ा मुद्दा मुफ्त में बिजली देने के बाद उसका बोझ उद्योग जगत पर कितना पड़ेगा है। ज्यादातर उद्योगपति डरे हुए हैं कि अगर आम आदमी पार्टी की सरकार सत्ता में आती है तो लोगों को मुफ्त बिजली देने का वादा पूरा करेगी लेकिन इसका बोझ जालंधर और पंजाब के उद्योग को महंगी बिजली के रूप में में चुकाना पड़ सकता है। 

पंजाब में 30 सालों से एक भी नए औद्योगिक एरिया का निर्माण ना होना जैसे मुद्दों को केजरीवाल अपने वायदे और भरोसे के साथ हल करने के सपने उद्योगपतियों व व्यापारियों को दिखा रहे हैं। केजरीवाल ने अभी तक की बैठकों में यही प्रचार किया है कि बाकी दल उद्योगपतियों व व्यापारियों के पास चुनाव से पहले पैसे मांगने आते हैं लेकिन उन्हें पैसे नहीं बल्कि उद्योगपतियों तथा व्यापारियों की पार्टनरशिप चाहिए। यह नया फार्मूला है।

पंजाब में 30 सालों से एक भी नए औद्योगिक एरिया का निर्माण ना होना जैसे मुद्दों को केजरीवाल अपने वायदे और भरोसे के साथ हल करने के सपने उद्योगपतियों व व्यापारियों को दिखा रहे हैं। केजरीवाल ने अभी तक की बैठकों में यही प्रचार किया है कि बाकी दल उद्योगपतियों व व्यापारियों के पास चुनाव से पहले पैसे मांगने आते हैं लेकिन उन्हें पैसे नहीं बल्कि उद्योगपतियों तथा व्यापारियों की पार्टनरशिप चाहिए। यह नया फार्मूला है।

अकाली दल भी उद्यमियों को लुभाने में जुटा

अकाली दल ने भी हर बार की तरह इस फार्मूले पर काम शुरू कर दिया है। सुखबीर बादल खुद उद्योगपतियों तथा व्यापारियों के साथ बैठकर कर रहे हैं। कांग्रेस जरूर अभी इस मामले में पीछे चल रही है लेकिन केजरीवाल की पार्टनरशिप की योजना इस बार के पंजाब चुनाव में उद्योगपतियों व्यापारियों को अपने पाले में खड़ा करने के लिए मास्टर स्ट्रोक साबित हो सकती है। उनके इस अभियान में आम आदमी पार्टी में हाशिए पर आ गए भगवंत मान फिर से पंजाब में पार्टी का बड़ा चेहरा बनकर उभर रहे हैं।

फिलहाल केजरीवाल ही पंजाब में आप का चेहरा

बुधवार को जालंधर में केजरीवाल के साथ उद्योगपतियों व व्यापारियों की हुई बैठक के दौरान मंच पर उनके बगल में भगवंत मान ही बैठे दिखाई दिए। विभिन्न मुद्दों पर भगवंत मान केजरीवाल को समझाते भी रहे। कुछ समय पहले तक भगवंत मान को पार्टी में साइड लाइन किए जाने की रणनीति पर काम किया जा रहा था। उसके जवाब में मान ने आप विधायकों के साथ बैठक करते एक बार फिर से पंजाब में खुद मुख्तियारी की बात कर दी। पार्टी ने अभी तक किसी को अपना सीएम चेहरा नहीं बताया है। फिलहाल केजरीवाल ही पंजाब में आम आदमी पार्टी का चेहरा बनकर लोगों से मिल रहे हैं। इससे आम आदमी पार्टी के पुराने नेता कंफ्यूज भी हो रहे हैं कि आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी का चेहरा कौन होगा।

फिलहाल, पंजाब दौरे के दौरान केजरीवाल ने उद्योगपतियों व व्यापारियों को अपनी सरकार में पार्टनरशिप का सपना दिखाकर मास्टर स्ट्रोक खेल दिया है यह समय ही बताएगा कि केजरीवाल पर खेल नगरी के उद्योगपति व व्यापारी कितना भरोसा करते हैं।

Arvind Kejriwal in Jalandhar: उद्यमियों से केजरीवाल का वादा- 24 घंटे बिजली देंगे, इंस्पेक्टर राज और लालफीताशाही खत्म करेंगे

जालंधर के दो दिवसीय दौरे पर आए दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बाठ कासल में उद्यमियों के साथ बैठक में उनसे कई वादे कर डाले। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में सीएलयू, इनहांसमेंट, चीन की तरह मुद्दों को हल किया जाएगा। अफसरशाही खत्म की जाएगी, विश्व स्तरीय खेल स्टेडियम बनाएंगे। विभिन्न उत्पादों के लिए प्रदर्शनी सेंटरों का निर्माण होगा। आप लोग बेरोजगारों को रोजगार देने की गारंटी दें। आपकी समस्याओं का समाधान हम करेंगे। केजरीवाल अंत में  बोले..आखिरी उम्मीद यही है कि आप उन्हें जालंधर की 9 सीटों को जिताकर देंगे।

केजरीवाल का 10 सूत्रीय फार्मूला

1. बिना बिजली के न उद्योग चल सकता है न व्यापार। 24 घंटे बिजली का इंतजाम करेंगे। नो पावरकट। दिल्ली में हमारी सरकार आई तो घंटों के पावरकट लगते थे। हमने उसे दूर किया। पंजाब में बिजली की कमी नहीं है। उत्पादन होता है पंजाब में। दिल्ली में इनवर्टर की सेल बंद हो गई है।

2. इंस्पेक्टर राज व लाल फीताशाही खत्म करेंगे। ऐसे कानून बनाएंगे कि उद्योगपति व व्यापारियों को इससे मुक्ति मिले। ईमानदार सीएम व ईमानदार मंत्रिमंडल होगा तो सब सही हो जाएगा।

3.पुराने कानूनों को खत्म करके नए कानून बनाए जाएंगे। आप अपने उद्योग व व्यापार में समय बिताओ ऐसे कानून बनाएंगे। आप कमाओ सरकार और समाज को पैसा दो, ऐसे कानून बनाएंगे। दिल्ली में हमने सरकार बनाने के बाद वैट विभाग के सभी इंस्पेक्टरों को घर बैठा दिया। रेड बंद करवा दी। वैट की दर 12 से पांच फीसद कर दी। रेवेन्यू 30 से बढ़कर 60 हजार करोड़ हो गया। व्यापारी शांति से धंधा करना चाहता है। वैट रिफंड की शिकायतों को दूर करेंगे। सरकार बनने के तीन से छह महीने में वैट के रिफंड क्लीयर कर दिए जाएंगे।

4. इंफ्रास्टक्चर- हर औद्योगिक इलाकों के इंफ्रास्टक्चर को सही करेंगे। दिल्ली में 29 औद्योगिक इलाकों का पैकेज बनाया ता। 2 साल के अंदर सभी औद्योगिक इलाकों व उससे बाहर के उद्योंगों को हल करेंगे।

5. इनहांसमेंट के मुद्दे को हल करेंगे। इनहांसमेंट नहीं लिया जाएगा। इससे किसानों व उद्योगपतियों को परेशान किया जाता है।

6. सीएलयू के मामले को हल करेंगे। हर जगह समस्या हैं। औद्योगिक इलाकों में सीएलयू के मामले हल होंगे।

7. गुंडा टैक्स खत्म होगा। अभी भी गुंडा टैक्स लगाया जा रहा है। इसे बंद करवाया जाएगा। विधायकों व मंत्रियों की तरफ लगाया जाने वाला गुंडा टैक्स बंद होगा।

8. हमें पैसा नहीं चाहिएः पंजाब की तरक्की में पार्टनर बनाने के लिए आमंत्रित करने आया हूं। आपकी समस्याओं का समाधान निकलेगा। उद्योगपतियों व व्यापारियों की टीम बनाएंगे। योग्य मंत्री उसका हेड होगा। मौके पर फैसले किए जाएंगे। फैसले आप लोग लें, सरकार उन्हें लागू करे। ऐसी व्यवस्था बनाएंगे।

9.प्यार व भाईचारे को कायम रखना है। अमन शांति के लिए माहौल बनाएंगे।

10. छोटे व्यापारी व एमएसएमई को बढ़ावा देंगे।

बैठक में करीब 300  उद्यमियों ने कई बातें अरविंद केजरवाल के सामने रखीं। साआईआइ चेयरमैन तुषार जैन ने कहा कि पंजाब में ब्यूरोक्रेटिक आतंकवाद है। जैसे ही उद्योगपति वेबसाइट पर नक्शा अपलोड करता है, उसे कोई न कोई आब्जेक्शन लगाकर रिजेक्ट कर दिया जाता है। इससे नए उद्योग को लगाने में काफी समय बर्बाद होता है।

उन्होंने कहा कि फोकल प्वाइंट से ज्यादा इंडस्ट्री गदईपुर में लग गई है। प्लाटों में सीएलयू नहीं हो सकती है। हमारी सलाह है कि आप संबंधित विधायकों के साथ एमएसएमई व बड़ी इंडस्ट्रीज को साथ लेकर सलाहकार मंडल बनाएं। जालंधर के उद्योग की मांग है कि जालंधर व लुधियाना को एक्सप्रेस वे के रूप में विकसित किया जाए।

तुषार जैन ने कहा कि 30 साल से पंजाब में एक भी नया फोकल प्वाइंट नहीं बना है। हमारे यहां इसके चलते छोटे-छोटी इंडस्ट्री गलियों में विकसित हो गई है। जालंधर कास्टिंग इंडस्ट्री का हब बन गया है। भारत भर में सबसे सस्ता उद्योग कास्टिंग का है। उन्होंने कहा कि पंजाब के उद्योगपति बुद्धिजीवी हैं, इन्हें सहूलियतें चाहिए। जालंधर के उद्योग को बढ़ाने के लिए 200 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र चाहिए। अगर सरकार नया फोकल प्वाइंट नहीं दे पाती है तो क्या विकल्प हैं। 500 एकड़ का औद्योगिक इलाका मास्टर प्लान में था। 2009 से इसे उपलब्ध नहीं करवा पाया गया है। 

जालंधर में आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल के साठ बैठक में अपनी बात रखते हुए सीआईआइ के चेयरमैन तुषार जैन। उन्होंने मुख्य रूप से नए फोकल प्वाइंट का मामला उठाया।

ऐसी औद्यौगिक नीति बने, जिससे मौजूद उद्योगों को नुकसान न होः तेजिंदर भसीन

तेजिंदर भसीन, गदईपुर एसोसिएशन के प्रधान ने कहा कि जालंधर छोटा शहर है। 20 हजार उद्योग हैं। 15 हजार उद्योग पंजीकृत हैं। 1992 के बाद जालंधर में कोई भी फोकल पाइंट नहीं बना। इसके चलते दूसरी इंडस्ट्री बन गईं, लेकिन अवैध औद्योगिक इलाकों में। मास्टर प्लान में जो स्थान औद्योगिक इलाकों के लिए विकसित किए गए, वहां पर हमने इंडस्ट्री लगा ली, अब उन्हें बदला जा रहा है। उन्हें मिक्स जोन में डाला जा रहा है। हमें ऐसी पालिसी बनानी होगी, जिससे मौजूदा इंडस्ट्री को कोई नुकसान न हो।

उन्होंने कहा कि जालंधर को बिजली की जरूरत है। हमारे पास तीन बिजली के सेंटर हैं। जरूरत है कि गदईपुर मे 220 केवी का नया बिजली घर बनाया जाए ताकि गदईपुर के उद्योगों को लाभ हो। भसीन ने कहा कि मास्टर प्लान में जो जगहें चिन्हित की गई थीं, उन्हें अप्रूवल दी जाए। उद्यमी ने कहा कि 15 से 18 फीसद पंजाब का राजस्व इंडस्ट्री देती है, लेकिन इंडस्ट्री के लिए 2 से ढाई फीसद बजट ही सरकार रखती है।

उद्यमी पवन कुमार बोले- पंजाब के उद्योग के लिए आप क्या करेगी

पवन इंडस्ट्री कारपोरेशन के संचालक पवन कुमार ने कहा कि आम आदमी पार्टी आती है तो पंजाब के उद्योग व व्यापार के लिए क्या कर सकती है, इसका जवाब दें। पिछली सरकारों ने वादे पूरे नहीं किए। मैन्युफैक्चर्स व ट्रेडर्स दोनों, एक-दूसरे पर निर्भर हैं। कच्चे माल की कीमत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कच्चे माल की कीमतों में कमी को लेकर सरकार क्या करेगा। पुरानी व छोटी फैक्ट्रियों के लिए सरकार क्या करेगी। युवाओं के लिए क्या इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। युवा विदेश जा रहे हैं। जालंधर से दो से तीन कैबिनेट मंत्री दिए जाएं। वैट रिफंड अब तक फंसा है। पेट्रोल-डीजल के रेट में कमी को लेकर क्या करेंगे।

खेल उद्यमी मुकेश बस्सन बोले- विश्वस्तरीय स्टेडिमय में प्रदर्शित हों खेल उत्पाद

खेल उद्योगपति मुकेश बस्सन ने कहा कि आज खेल बहुत ग्लैमरस हो चुका है लेकिन खेल उद्योगपति मुश्किल में हैं। जालंधर में विभिन्न खेलों की सामग्री निर्मित की जाती है। विश्व स्तरीय स्टेडियम का निर्माण जालंधर में किया जाए। स्टेडियम के साथ खेल उद्योग में तैयार होने वाले उत्पादों के प्रदर्शन के लिए हाल बनाया जाए। बिजली की सप्लाई सुनिश्चित की जाए।

जतिंदर चावला बोले- केमिस्टों को पुलिस करती है तंग

जालंधर केमिस्ट एसो. के महासचिव जतिंदर चावला बोले की हमारे केमिस्ट सात बजे से दुकानें खोलते हैं। रात को दस से 11 बजे तक दुकानें खोलते हैं। हमारी केमिस्ट बिरादरी को पंजाब सरकार ने नशाखोर बिरादरी के नाम से बदनाम कर रखा है। एक दौर होता था जब हमारे केमिस्टों को पुलिस नहीं रोकती थी, कहते थे दवाइयां वाले हैं। आज पुलिस केमिस्टों को रोक कर तलाशी लेती है। कहीं नशे की सामग्री तो नहीं ले जा रहे हैं। इसकी आड़ में पुलिस की ओर से केमिस्टों को तंग किया जा रहा है। कुछ केमिस्ट नशे का कारोबार कर रहे होंगे, लेकिन उसके लिए 90 फीसदी केमिस्टों को क्यों बदनाम किया जा रहा है। केमिस्ट का लाइसेंस लेने के लिए बहुत मशक्कत करनी पड़ती है। आनलाइन दवाइयों की बक्री क्यों करवाई जा रही है। इसे बंद करवाया जाना चाहिए। नशे की बिक्री पर रोक लगाई जानी चाहिए।

ईवे बिलिंग की लिमिट एक लाख की जाए: सुरेश

जालंधर इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स एसोसिएशन के सुरेश गुप्ता ने कहा कि जीएसटी की ईवे बिलिंग की लिमित 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख की जाए। जीएसटी के रिफंड सालों से रुके पड़े हैं। तत्काल उनका भुगतान किया जाए।

एसपीएस राजू विर्क बोले- लेदर कांप्लेक्स के हालात खराब

लेदर इंडस्ट्री के एसपीएस राजू विर्क ने कहा कि छह साल पहले हमने जालंधर में बातचीत की थी। लेदर कांप्लेक्स के हालात खराब हैं। आप के जीते हुए 20 विधायकों में किसी ने भी हाल नहीं पूछा लेदर इंडस्ट्री का। ग्राउंड लेबल पर आप के नेता व कार्यकर्ता काम नहीं कर रहे हैं। लेदर कांप्लेक्स और औद्योगिक इलाकों में प्लाट लीज पर दिए जाते हैं। फिर लीज पर देने के पैसे वसूले जाते हैं। प्लाट को बेचना मुश्किल है। दर्जनों चक्कर काटते पड़ते हैं एनओसी के लिए। हर जिले का काम उसी जिले में होना चाहिए। कच्चा माल व ट्रांसपोरेर्टेशन सस्ता हो।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page