
जालंधर में आज गुरु गोविंद सिंह स्टेडियम में 73वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने झंडा फहराने की रस्म निभाई। उन्होंने झंडा फहरान के बाद परेड का निरीक्षण किया और पुलिस की टुकड़ियों ने उन्हें सलामी दी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि चाहे देश की आजादी का सवाल रहा हो या फिर देश के लोगों का पेट भरने का पंजाब ने हमेशा आगे बढ़कर अपना बहुमूल्य योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि देश को आजाद करवाने में सबसे ज्यादा कुर्बानियां पंजाबियों ने दी। अब भी बाहरी ताकतों से देश की सुरक्षा में पंजाबी सबसे ज्यादा योगदान दे रहे हैं। उन्होंने देश की आजादी के लिए लड़ने वाले गदर और बब्बर लहर के योद्धाओं को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सपना देखा था कि आजाद भारत में गरीबी, अनपढ़ता, ऊंच-नीच बेरोजगारी, सामाजिक असमानता, आर्थिक असमानता के लिए कोई जगह नहीं होगी। जब देश आजाद हुआ तो सबसे ज्यादा मार भी पंजाब को ही झेलनी पड़ी। लेकिन फिर भी पंजाब ने देश की तरक्की में बहुत योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि पंजाबियों ने सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी मेहनत का लोहा मनवाया है। यही वजह है कि आज देश विदेश में पंजाबियों की मिसाल देकर उनकी तारीफ करते हैं। देश को भुखमरी से बचाने के लिए पंजाब ने बहुत बड़ा योगदान दिया है। देश के अनाज भंडारण में पंजाब का साठ प्रतिशत से ज्यादा का योगदान है। आजादी के बाद देश में संविधान को लागू करने का यह मतलब था कि हमने अंग्रेजों की गुलामी व उनके तरीके कामकाज व विधि विधान से भी आजादी पा ली है।
उन्होंने कहा कि पंजाब वासियों को वह विश्वास दिलाना चाहते हैं कि कि राज्य की अमन शांति एवं भाई चारक सांझ को हर कीमत पर कायम रखा जाएगा। देश की उन्नति में सबी को योगदान देना चाहिए यही हमारे शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मान पत्र देकर सम्मानित भी किया।




