
जालंधर के नए पुलिस कमिश्नर (CP) डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने सोमवार को चार्ज संभाल लिया है। सोमवार को कमिश्नरेट पहुंचने पर पुलिस की टुकड़ी ने उन्हें सलामी दी। इसके बाद आफिस पहुंचकर डॉ. गिल ने कहा कि उनका मोबाइल नंबर आम जनता के लिए चौबीसों घंटे खुला रहेगा। किसी को परेशानी हो तो मुझे कॉल कर सकते हैं। जल्द ही वो अपना सरकारी नंबर जारी कर देंगे। अगर वो किसी की कॉल न उठा पाए तो फ्री होकर बैक कॉल भी करेंगे।
डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि पुलिस थानों में FIR दर्ज करने में कोई आनाकानी नही होगी। खासकर, चोरी के मामले में लोगों को बीमा क्लेम लेना होता है लेकिन पर्चा दर्ज न होने से परेशानी होती है। अगर थाने में कोई लापरवाही बरतेगा तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस संबंध में सभी अफसरों से लेकर थाने के इंचार्जों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया जाएगा।
जालंधर के नए पुलिस कमिश्नर (CP) डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने सोमवार को चार्ज संभाल लिया है। सोमवार को कमिश्नरेट पहुंचने पर पुलिस की टुकड़ी ने उन्हें सलामी दी। इसके बाद आफिस पहुंचकर डॉ. गिल ने कहा कि उनका मोबाइल नंबर आम जनता के लिए चौबीसों घंटे खुला रहेगा। किसी को परेशानी हो तो मुझे कॉल कर सकते हैं। जल्द ही वो अपना सरकारी नंबर जारी कर देंगे। अगर वो किसी की कॉल न उठा पाए तो फ्री होकर बैक कॉल भी करेंगे।
डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि पुलिस थानों में FIR दर्ज करने में कोई आनाकानी नही होगी। खासकर, चोरी के मामले में लोगों को बीमा क्लेम लेना होता है लेकिन पर्चा दर्ज न होने से परेशानी होती है। अगर थाने में कोई लापरवाही बरतेगा तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस संबंध में सभी अफसरों से लेकर थाने के इंचार्जों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वह जालंधर में SP रह चुके हैं, तब यहां पुलिस कमिश्नरेट नहीं था। फिर भी शहर को समझकर उसके हिसाब से अपराध रोकने और उसे ट्रेस करने की रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन दोनों के साथ सबसे बड़ा काम लोगों की परेशानियां दूर करना रहेगा। लोग पुलिस से डरने के बजाय उन्हें अपना मित्र समझें, इसको लेकर अच्छा माहौल बनाया जाएगा।
MBBS के बाद बने IPS अफसर
डॉ. सुखचैन सिंह गिल 2003 बैच के आईपीएस अफसर हैं। इससे पहले वे अमृतसर और लुधियाना में बतौर कमिश्नर सेवाएं दे चुके हैं। जालंधर में कमिश्नरेट बनने के बाद यह उनकी पहली पोस्टिंग है। गुरु नानक मेडिकल कॉलेज (अमृतसर) से करीब 20 साल पहले एमबीबीएस कर चुके हैं।। कपूरथला में पले-बढ़े डॉ. गिल ने स्कूली शिक्षा सैनिक स्कूल में हासिल की। डॉक्टर बनने के बाद उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की और आईपीएस बने। बठिंडा व चंडीगढ़ में बतौर एसएसपी रहे डॉ. गिल डीआईजी (क्राइम) और डीआईजी पटियाला रेंज भी रह चुके हैं।




