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खत्म हुआ किसानों का धरना, बैठक के बाद Captain ने किया बड़ा ऐलान

जालंधर में आंदोलन खत्म होने के बाद किसानों का जश्न:पंजाब में गन्ने का रेट 360 प्रति क्विंटल हुआ, किसानों ने नेशनल हाईवे और रेलवे ट्रैक से जाम हटाया, खुशी में जमकर नाचे

चंडीगढ़: पंजाब में किसानों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। आज मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और किसानों के बीच 3 बजे बैठक की गई थी।  मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि गन्ना किसानों को राहत देते हुए अब दाम 35 रूपए और बढ़ा दिए गए है। इतना ही नहीं सरकार ने इससे पहले भी 15 रूपए बढ़ाया था। इससे अब गन्ने के दाम 360 रूपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इस ऐलान के बाद पंजाब में गन्ना किसानों का धरना भी खत्म हो गया है।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब में गन्ने की कीमत 360 रुपए प्रति क्विंटल घोषित कर दी हैं। जो कि पड़ोसी राज्य हरियाणा से 2 रुपए ज्यादा हैं। यह दाम इसी सीजन से मिलेगा। इसके बाद किसानों ने जालंधर में जाम किया जालंधर-दिल्ली नेशनल हाईवे और रेलवे ट्रैक का जाम खोल दिया है। किसान नेता बलवीर सिंह राजेवाल ने बाहर आकर इसकी पुष्टि की। 5 दिन बाद जालंधर में जालंधर-दिल्ली नेशनल हाईवे और धन्नोवाली रेलवे फाटक पर जाम खोल दिया है। इस फैसले पर खुशी जताते हुए किसानों ने हाईवे और ट्रैक पर लगाए टेंट हटा लिए। इस दौरान किसानों ने नाच-गाकर हाइवे पर ही जश्न भी मनाया।

ऐसे चला मीटिंग में मनाने का दौर
पंजाब में पहले गन्ने का रेट 310 रुपए प्रति क्विंटल था, जिसमें 50 रुपए की बढ़ोत्तरी हुई है। हालांकि पहले किसान 400 रुपए की मांग पर अड़े थे। वहीं, सरकार 350 रुपए से आगे नहीं बढ़ रही थी। इसके बाद किसान नेताओं ने कहा कि वह हरियाणा से कम रेट स्वीकार नहीं करेंगे। इस पर सरकार ने कहा कि अगले सीजन में रेट और बढ़ा देंगे लेकिन किसान राजी नहीं हुए। जिसके बाद हरियाणा के 358 रुपए प्रति क्विंटल के मुकाबले पंजाब का रेट 360 रुपए कर दिया गया। जिसके बाद किसान सहमत हुए और आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी गई।

सहकारी मिलों का बकाया 15 दिन में देंगे
बैठक में यह भी तय किया गया कि पंजाब की सहकारी मिलों की तरफ बकाया करीब 45 करोड़ की राशि अगले 15 दिनों में किसानों को अदा कर दी जाएगी। किसानों का कुल बकाया 200 करोड़ का है। बाकी करीब 155 करोड़ प्राइवेट शुगर मिलों का है। उसके बारे में भी सरकार दखल देकर जल्द से जल्द बकाए की अदायगी की कोशिश करेगी। इस पर भी किसान नेता सहमत हो गए।

कैप्टन व रंधावा में खटास, 3 कुर्सी छोड़ बैठे रंधावा
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की गन्ना किसानों के साथ हुई बैठक में सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा भी मौजूद रहे। प्रोटोकॉल के मुताबिक रंधावा को कैप्टन के साथ वाली कुर्सी पर बैठना था। वह इसी विभाग से जुड़े मंत्री हैं और पहली बैठक उन्होंने ही किसानों के साथ की थी। मंगलवार को रंधावा कैप्टन को CM की कुर्सी से हटाने वाले बागी धड़े की अगुवाई करने लगे। इसे देखते हुए रंधावा कैप्टन के बगल में नहीं बैठे। वह 3 कुर्सियों छोड़कर बैठे रहे। इस दौरान दोनों के बीच कोई बातचीत भी होती नजर नहीं आई।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि पंजाब में पिछले कई दिनों से गन्ना किसान धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इतना ही नहीं उनकी तरफ से प्रदर्शन के दौरान हाइवे और रेलवे ट्रैक भी जाम किए गए थे। उन्होंने मांगे न पूरी होने पर पंजाब बंद की भी कॉल दी थी लेकिन अब इस फैसले के बाद बाद हालत काबू में आ गए है।

संयुक्त किसान मोर्चे का बड़ा ऐलान, पंजाब में सिर्फ बीजेपी का करेंगे विरोध

चंडीगढ़: कृषि कानूनों का गुस्सा किसानों के बीच थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में अपना विरोध जताते हुए किसान बीजेपी नेताओं के साथ साथ अन्य पार्टी के नेताओं का भी विरोध कर रहे है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल को भी आड़े हाथों ले रहे है। इसी बीच संयुक्त किसान मोर्चा के किसान नेता जोगिन्दर सिंह उग्राहां का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि पंजाब में बीजेपी उनका मुख्य निशाना है।

क्योंकि भाजपा की तरफ से ही ये तीन कृषि क़ानून बनाए गए है। इन्ही के कारण किसान कई महीनों से धरना दे रहे है। किसान अगर सभी पार्टियों का विरोध करेंगे तो इसका सीधा फायदा बीजेपी हो होगा। ऐसे में जोगिंदर सिंह उग्राहां ने अपील की है कि पंजाब में सिर्फ बीजेपी और भाजपा नेताओं का ही विरोध प्रदर्शन किया जाए। 

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