
कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी ने वीरवार पंजाब में प्रचार की शुरुआत दरबार साहिब में माथा टेक कर की।

चार बसों में विधायक भी उनका साथ देने के लिए पहुंचे थे। लेकिन इस पूरे दौरे में सिर्फ दो ही चेहरे सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू राहुल गांधी के आसपास रहे। जबकि अन्य सभी चेहरों को उनसे दूर ही रखा गया। राहुल के इस दौरे से स्पष्ट दिखा कि चुनाव परिणामों के बाद सीएम चेहरे का दावेदार इनमें से ही हो सकता है। जबकि तीसरी हिंदू चेहरा कहलाने वाले सुनील जाखड़ इस दौरे में पहुंचे ही नहीं।
वीरवार राहुल गांधी को सुबह 9 बजे अमृतसर में पहुंचना था। लेकिन मौसम खराब होने के कारण उनकी फ्लाइट देरी से अमृतसर पहुंची। तकरीबन 12.30 बजे राहुल गांधी दरबार साहिब पहुंच गए। गांधी परिवार के होने के कारण इस पूरे दौरे में उनकी सुरक्षा पंजाब पुलिस की रही, जबकि दरबार साहिब के अंदर भी टास्क फोर्स ने उन्हें किसी भी तरह की सुरक्षा प्रदान नहीं की। उनके प्रथम सुरक्षा घेरे में हर वक्त सिर्फ दो ही चेहरे दिखे। एक थे सीएम चरणजीत सिंह चन्नी तो दूसरे कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू। सीएम पद के तीसरे दावेदार सुनील जाखड़ इस दौरान अमृतसर पहुंचे ही नहीं।
लंगर हाल जाने की इच्छा की जाहिर
राहुल गांधी ने पहले पूरी परिक्रमा की और फिर गुरु घर में माथा टेका। लेकिन वापसी के समय उन्होंने लंगर हाल में जाने की इच्छा जाहिर कर दी। फ्लाइट की देरी के चलते पहले उनके शेड्यूल से लंगर हॉल के कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया था। लेकिन उनके कहने पर राहुल गांधी दोबारा लंगर हाल की तरफ बढ़ गए।
जलियांवाला बाग को बताया इंस्पीरेशन
राहुल गांधी दरबार साहिब के बाद जलियांवाला बाग भी पहुंचे। जहां उन्होंने शहीदी लाट पर नमन किया। वापसी में विजिटर बुक में संदेश लिखते हुए उन्होंने जलियांवाला बाग को इंस्पीरेशन बताया। इसके साथ ही उन्होंने जलियांवाला बाग को आजादी की लड़ाई का एक महान समारक भी कहा। राहुल गांधी जलियांवाला बाग से निकलने के बाद दुर्ग्याणा मंदिर भी गए और श्री राम तीर्थ भी नतमस्तक हुए।
राहुल की रैली के बहिष्कार की खबरों से सांसदों का इनकार, बोले- सिर्फ प्रत्याशियों को बुलाया था इसलिए नहीं गए
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मिशन पंजाब शुरू कर दिया है। इस दौरान ऐसी खबरें आई कि कांग्रेस के 5 सांसदों ने उनके दौरे का बहिष्कार कर दिया है। जिनमें मनीष तिवारी, रवनीत सिंह बिट्टू, जसबीर सिंह डिंपा, परनीत कौर और मोहम्मद सदीक को शामिल बताया गया।
जब सांसद रवनीत बिट्टू से बात की तो उन्होंने कहा कि वह जालंधर रैली में मौजूद हैं। वहीं सांसद जसबीर डिंपा ने कहा कि अमृतसर में सिर्फ कैंडिडेट्स को बुलाया गया था, इसलिए वह वहां नहीं गए। सांसदों ने बहिष्कार की खबरों से इनकार कर दिया। उधर, राहुल गांधी थोड़ी देर में जालंधर में वर्चुअल रैली को संबोधित करने के लिए पहुंच रहे हैं।
भाजपा ने साधा राहुल पर निशाना
भाजपा ने राहुल गांधी पर ऑपरेशन ब्लू स्टार को लेकर तंज कसा है। भाजपा नेता मनजिंदर सिरसा ने राहुल के श्री दरबार साहिब दौरे को लेकर कहा कि अगर राहुल गांधी ने दरबार साहिब में गोलियों के निशान देखे होते। वहां की चीखों और खूनी मंजर को महसूस किया होता तो जरूर परिवार की करतूतों के लिए शर्मिंदा होकर माफी मांगते।
राहुल ने दरबार साहिब में माथा टेक छका लंगर
इससे पहले राहुल गांधी स्पेशल फ्लाइट से अमृतसर पहुंचे। जहां सीएम चरणजीत चन्नी और पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद राहुल गांधी श्री दरबार साहिब पहुंचे। वहां कांग्रेस उम्मीदवारों के साथ माथा टेकने के बाद राहुल गांधी ने पंगत में बैठकर लंगर छका। इसके बाद वह जलियांवाला बाग देखने गए। यहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने श्री दुर्ग्याणा मंदिर और भगवान वाल्मीकि तीर्थ में भी माथा टेका।

राहुल गांधी इसके बाद जालंधर के लिए रवाना होंगे। जालंधर के मिट्ठापुर से वह दोपहर साढ़े 3 से साढ़े 4 बजे तक ‘पंजाब फतेह’ के नाम से वर्चुअल रैली को संबोधित करेंगे। कोरोना की वजह से रैलियों पर रोक के चलते वे इसी रैली से पंजाब में चुनाव प्रचार का आगाज करेंगे। जालंधर से वह आदमपुर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। राहुल गांधी को पहले साढ़े नौ बजे अमृतसर पहुंचना था लेकिन मौसम खराब होने की वजह से दिल्ली से रवानगी में देरी हो गई।

क्या सीएम फेस अनाउंस करेंगे राहुल?
राहुल गांधी के दौरे को लेकर सबकी नजर पंजाब में कांग्रेस के CM उम्मीदवार कौन होगा, इस पर टिकी है। कांग्रेसियों के अलावा विपक्षी दलों का भी इस पर ध्यान रहेगा। पंजाब में सीएम चेहरे को लेकर पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिद्धू और मौजूदा CM चरणजीत चन्नी के बीच जंग चल रही है। जिस वजह से कांग्रेस गुटबाजी में फंस चुकी है। ऐसे में कांग्रेसी भी चाहते हैं कि सीएम चेहरे पर स्थिति स्पष्ट हो ताकि किसी एक की अगुवाई में चुनाव लड़ा जा सके। हालांकि कांग्रेस हाईकमान इससे पहले चन्नी, सिद्धू और कैंपेन कमेटी चेयरमैन सुनील जाखड़ की संयुक्त लीडरशिप में चुनाव लड़ने की बात कह चुका है।

अभी 8 उम्मीदवारों की घोषणा बाकी
राहुल गांधी के शेड्यूल में सभी 117 उम्मीदवारों के साथ अमृतसर के धार्मिक स्थानों पर माथा टेकना शामिल है। पंजाब में कांग्रेस ने अभी तक 177 में से 109 उम्मीदवारों की ही घोषणा की है। 8 उम्मीदवारों की घोषणा बाकी है। ऐसे में सबकी नजर है कि राहुल गांधी के पंजाब पहुंचने से पहले यह लिस्ट जारी की जा सकती है।



