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केदारनाथ पहुंचे चन्नी और सिद्धू, मांगा पंजाब का भला- सिद्धू और CM चन्नी ने किए केदारनाथ दर्शन:तस्वीरों में दिखाई एकजुटता – सांसद बिट्‌टू ने पूछा- कांग्रेस का ‘युनाइटेड फेस’ पंजाब में क्यों नहीं

पंजाब कांग्रेस में मची कलह दरमियान आज मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी, नवजोत सिद्धू, स्पीकर राणा के.पी. सिंह और पंजाब कांग्रेस इंचार्ज हरीश चौधरी केदारनाथ धाम के दर्शन करने पहुंचे। पंजाब कांग्रेस के नेताओं के इस दौरे को चन्नी और नवजोत सिद्धू बीच सुलह के लिए कदम के तौर पर भी देखा जा रहा है। चरणजीत चन्नी के मुख्यमंत्री बनने के बाद ही सिद्धू और चन्नी बीच तकरार नजर आ रही थी। कैप्टन सरकार की तरह सिद्धू भी चन्नी सरकार को जनतक तौर पर घेर रहे थे।

केदारनाथ पहुंचने के बाद सिद्धू ने कहा कि वह मुख्यमंत्री चन्नी के साथ महाकाल से आशीर्वाद लेने जा रहे हैं। वह यह आशीर्वाद मांगेंगे कि पंजाब के भले के साथ उनका भी भला हो। पंजाब में भाईचारा बना रहे। इसके बाद वह केदारनाथ के लिए रवाना हुए। इससे पहले उन्होंने पंजाब कांग्रेस के पूर्व इंचार्ज हरीश रावत के साथ भी मुलाकात की।

पंजाब कांग्रेस में मची कलह के बीच CM चरणजीत चन्नी और प्रदेश प्रधान नवजोत सिद्धू ने उत्तराखंड में केदारनाथ के दर्शन किए। इसके बाद उनकी एकजुटता को दिखाती हुई तस्वीरें सामने आई। जिन्हें देखकर विरोधी ही नहीं बल्कि अपनों ने ही तंज कसने शुरू कर दिए। लुधियाना से कांग्रेसी सांसद रवनीत बिट्‌टू ने फोटो ट्वीट कर पूछा कि जब उत्तराखंड में एकजुट हैं तो यह पंजाब में क्यों नहीं। पंजाब में इस वक्त सिद्धू ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।

इससे पहले देहरादून पहुंचकर सिद्धू और सीएम हरीश रावत से मिले। मुलाकात के बाद नवजोत सिद्धू ने कहा कि मैं CM चन्नी के साथ महाकाल से आशीर्वाद लेने जा रहा हूं। मैं यह आशीर्वाद मांगूंगा कि पंजाब के कल्याण में हमारा भी कल्याण निहित हो। पंजाब में भाईचारा बना रहे।

हालांकि सिद्धू और सीएम चन्नी की यह एकजुटता पंजाब में आकर भी कायम रहती है या नहीं, यह भविष्य में सिद्धू की मांगों पर सरकार की कार्रवाई और उनके बयानों से स्पष्ट पता चलेगी।

रावत बोले – पंजाब में ऑल इज वेल

पंजाब कांग्रेस के पूर्व इंचार्ज हरीश रावत ने कहा कि पंजाब में अब ऑल इज वेल है। मुझे भरोसा है कि पंजाब कांग्रेस में यही स्थिति बनी रहेगी। पंजाब में चुनाव में हम जरूर जीतेंगे। उन्होंने कहा कि सिद्धू और सीएम चन्नी को एक साथ पूरा देश देख रहा है। इसमें अब किसी तरह की कयासबाजी की गुंजाइश नहीं है।

मंत्री परगट सिंह के घर बनी सुलह की योजना

इससे पहले सोमवार देर रात को मंत्री परगट सिंह के घर पर अहम मीटिंग हुई। जिसमें पंजाब कांग्रेस इंचार्ज हरीश चौधरी और नवजोत सिद्धू शामिल हुए। परगट सिंह भी सिद्धू के करीबी रहे हैं। ऐसे में वहीं पर सीएम चन्नी और सिद्धू की अलग मुलाकात के बारे में योजना बनी। जिसके बाद केदारनाथ यात्रा का संयोग बन गया।

प्रधान, सीएम और इंचार्ज बदलने के बाद भी कलह जारी

पंजाब में कांग्रेस की कलह खत्म करने में कांग्रेस हाईकमान के पसीने छूट रहे हैं। पहले सुनील जाखड़ को हटा सिद्धू को प्रधान बनाया। फिर कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटा चरणजीत चन्नी को CM बना दिया। इसके बाद पंजाब कांग्रेस इंचार्ज हरीश रावत को हटाकर हरीश चौधरी को जिम्मेदारी दे दी गई। इसके बावजूद सिद्धू और सरकार का टकराव चल रहा है।

सिद्धू के मीडिया एडवाइजर बोले- मीडिया अलग नजरिए से देख रहा

चन्नी सरकार पर सिद्धू के जुबानी हमले को लेकर उनके मीडिया एडवाइजर सुरिंदर डल्ला ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि सिद्धू के बयान को मीडिया अलग नजरिए से देख रहा है। सिद्धू का कहना था कि सरकार को पूरे 5 साल ही ऐसा काम करना चाहिए न कि अंतिम 2 महीने में। सिद्धू पंजाब के लिए स्पष्ट रोडमैप चाहते हैं ताकि सरकार को सिर्फ जीत के लिए घोषणाएं न करनी पड़ें।

अकाली दल का तंज, केदारनाथ इन्हें सदबुद्धि बख्शे

CM चन्नी और सिद्धू के केदारनाथ दर्शन पर अकाली दल ने तंज कसा है। अकाली दल के प्रवक्ता डॉ. दलजीत चीमा ने कहा कि केदारनाथ इन्हें सदबुद्धि बख्शे, ताकि वो पंजाब का सत्यानाश न करें। उन्होंने कहा कि पंजाब में चुनाव आचार संहिता लगने वाली है, इसलिए ध्यान भटकाने के लिए यह सब किया जा रहा है। उन्होंने पूछा कि सिद्धू ढाई साल मंत्री रहे। चरणजीत चन्नी भी पहले मंत्री और अब मुख्यमंत्री हैं, तो फिर पहले काम क्यों नहीं किए। पंजाब को मूर्ख बनाने की इनकी कोशिश कामयाब नहीं होगी।

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