
चंडीगढ़: पंजाब में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज करवाने वाले लोगों को झटका लगा है। इस योजना के अंतर्गत होने वाला मुफ्त इलाज बंद हो गया है। जानकारी के मुताबिक सरकार और बीमा कंपनी के बीच चल रहे विवाद के कारण सेहत विभाग ने इस पुरानी कंपनी को योजना से बाहर कर दिया है। सेहत विभाग की तरफ से नई बीमा कंपनी की खोज की जा रही है। दूसरी तरफ कंपनी ने भी क्लेम देने से अस्पतालों को न कर दी है।बताने योग्य है कि पंजाब सरकार ने पुरानी बीमा कंपनी को राज्य के निजी सरकारी और निजी अस्पतालों में योजना के अंतर्गत होने वाले इलाज का क्लेम देने के आदेश दिए थे। इसके बाद कंपनी ने 2 दिन पहले एक ई-मेल भेज कर बताया है कि राज्य में आयुष्मान योजना के अंतर्गत होने वाले इलाज का क्लेम उनकी कंपनी की तरफ से नहीं दिया जाएगा। इस ई-मेल के बाद सभी निजी अस्पतालों में हड़कम्प मच गया।इस कारण अस्पतालों ने बीते गुरूवार से ही आयुष्मान योजना के अंतर्गत नए मरीजों को दाखिल करना बंद कर दिया, जबकि पुराने मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है। मरीजों को कहा जा रहा है कि अब योजना के अंतर्गत इलाज नहीं होगा और यदि उन्होंने इलाज करवाना है तो उनको पैसे देने पड़ेंगे। इस कारण मरीजों और उनके परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।वही दूसरी तरफ जब उपमुख्यमंत्री ओ.पी. सोनी के साथ इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह समस्या आई जरूर थी पर इसका हल कर लिया गया है और योजना के अंतर्गत मुफ्त इलाज की सुविधा लोगों को मुहैया करवाने के लिए नई बीमा कंपनी की खोज भी की जा रही है।